
Delhi Crime News: दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर आम आदमी पार्टी ने सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए हैं। AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने हाल में सामने आए ज्यादती के तीन मामलों का जिक्र करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि छोटी शिकायतों पर समय रहते कदम उठाना जरूरी है, वरना मामला आगे गंभीर रूप ले सकता है।
भारद्वाज ने जनकपुरी में तीन साल की बच्ची से जुड़े मामले को खास तौर पर उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्ची के माता-पिता को दबाव और धमकी का सामना करना पड़ा। हालांकि, पुलिस अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर इस बयान में कोई जवाब सामने नहीं आया है।
जनकपुरी के एक निजी स्कूल में 30 अप्रेल को तीन साल की बच्ची के साथ कथित ज्यादती का मामला सामने आया था। पुलिस ने स्कूल के 57 साल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया था। बाद में एक महिला शिक्षिका को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया। दोनों को ट्रायल कोर्ट से जमानत मिली थी, लेकिन दिल्ली हाई कोर्ट ने बाद में दोनों की जमानत रद्द कर दी। कोर्ट ने कर्मचारी को मामले की गंभीरता और जांच के दौरान जमानत दिए जाने को लेकर ट्रायल कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाए थे।
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली पुलिस के काम करने के तरीके पर भी सवाल उठाया। उनका आरोप है कि कई बार छेड़छाड़ या परेशान किए जाने की शिकायत लेकर थाने पहुंचने वाली महिलाओं को तुरंत मदद नहीं मिलती। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतों पर शुरुआत में ही कार्रवाई हो तो आगे होने वाली बड़ी घटनाओं को रोका जा सकता है।
उन्होंने पुलिस पर राजनीतिक तरीके से इस्तेमाल किए जाने का भी आरोप लगाया। यह भारद्वाज का राजनीतिक आरोप है और इस पर पुलिस या दिल्ली सरकार का पक्ष उनके इस बयान में सामने नहीं आया है।
इसी बीच दिल्ली में 21 सितंबर को कालकाजी मंदिर के पास एक और गंभीर मामला सामने आया। पुलिस के मुताबिक, 16 साल की एक लड़की अपने 17 साल के दोस्त के साथ मंदिर गई थी। इसके बाद आस्था कुंज पार्क में तीन लोगों ने खुद को पुलिसकर्मी बताकर दोनों को रोका। आरोप है कि उन्होंने लड़की के दोस्त को अलग किया और लड़की को सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ ज्यादती की। मामले में POCSO एक्ट समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है।
पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है, जबकि बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। जांच के दौरान CCTV फुटेज और दूसरे सबूतों को भी देखा जा रहा है।
AAP के इस बयान के बाद दिल्ली में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। अब पुलिस और सरकार की ओर से इन आरोपों पर क्या जवाब आता है, इस पर नजर रहेगी।