नई दिल्ली

दिल्ली में ‘आंकड़ों पर जंग’ शुरू, पक्ष और विपक्ष में वार-पलटवार, प्रदूषण पर मचा बवाल

Delhi Air Pollution: दिल्ली में दिवाली के बाद से प्रदूषण की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है। इसपर आम आदमी पार्टी ने जहां भाजपा सरकार पर प्रदूषण के आंकड़ों में हेरफेर करने का आरोप लगाया, वहीं भाजपा ने AAP पर तगड़ा पलटवार किया है।

3 min read
दिल्ली में वायु प्रदूषण को लेकर मचा बवाल।

Delhi Air Pollution: दिल्ली और उत्तर भारत में लगातार बिगड़ती वायु गुणवत्ता को लेकर राजनीति गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी (AAP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने सोमवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार प्रदूषण कम करने की जगह एयर क्वालिटी डेटा में हेरफेर कर रही है। भारद्वाज ने दावा किया कि जैसे ही प्रदूषण का स्तर बढ़ता है, सरकार एक्यूआई मॉनिटरिंग स्टेशनों को बंद कर देती है या उनके आसपास आर्टिफिशियल स्प्रे करवाया जाता है। ताकि रीडिंग कम दिखे। उन्होंने कहा "सरकार का इरादा प्रदूषण घटाना नहीं, बल्कि उसके आंकड़े घटाना है। लोगों में खासकर पढ़े-लिखे तबके में गुस्सा इसलिए है क्योंकि उन्हें यह एहसास हो रहा है कि उनसे सच्चाई छिपाई जा रही है। बड़े-बड़े संस्थान इस हेरफेर में शामिल हैं और यह धोखाधड़ी खुलेआम की जा रही है।"

ये भी पढ़ें

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दिल्ली तलब, AAP बोली- BJP ले रही राजनीतिक बदला

प्रियंका कक्कड़ का भाजपा पर निशाना

AAP प्रवक्ता प्रियंका कक्कड़ ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली सरकार और केंद्र में बैठी भाजपा ने एक्यूआई मॉनिटर पर पानी का छिड़काव कर रीडिंग घटाने की कोशिश की है। प्रियंका कक्कड़ ने कहा "भाजपा डेटा में हेरफेर कर रही है। रीडिंग कम दिखाने के लिए मॉनिटर पर पानी छिड़कवाया जा रहा है। इससे भाजपा की ईमानदारी और विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। भाजपा के नेता भी आम नागरिकों की तरह सड़कों पर हमारे साथ होने चाहिए थे, लेकिन वे अपने एयर प्यूरीफायर के साथ घरों में बैठे हैं। हवा और पानी राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए।"

इंडिया गेट पर विरोध और पुलिस कार्रवाई

इससे पहले रविवार को इंडिया गेट पर दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया। इस प्रदर्शन में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता भी शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से राजधानी की हवा साफ करने के लिए ठोस नीतियां और कार्ययोजना बनाने की मांग की थी। डीसीपी (नई दिल्ली) देवेश कुमार महला ने बताया "इंडिया गेट विरोध प्रदर्शन की जगह नहीं है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार नई दिल्ली में विरोध के लिए तय स्थल जंतर मंतर है। इंडिया गेट राष्ट्रीय स्मारक है और यहां बड़ी संख्या में लोग परिवारों के साथ घूमने आते हैं। इसलिए हमने प्रदर्शनकारियों को गाइडलाइंस का पालन करने की सलाह दी थी।"

भाजपा ने AAP पर किया पलटवार

दिल्ली के सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने इसे आम आदमी पार्टी का दोगलापन बताया है। भाजपा ने कहा "11 साल तक प्रदूषण के स्तर को कम करने को लेकर दिल्ली में कोई काम नहीं किया सिर्फ़ बहाने बनाते रहे और आज ये आपिए 7 महीने की भाजपा सरकार से साफ सांसें मांगने को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं? जब पंजाब में AAP की सरकार नहीं थी, तब दिल्ली में प्रदूषण की वजह पराली थी और सरकार बनते ही बात बदल गई? दिल्ली वालों से अपनी हार का बदला लेने के लिए पंजाब में पराली जलवाकर पंजाब के साथ-साथ दिल्ली की जनता का भी दम क्यों घोंट रहे हैं AAP?"

भाजपा ने आगे कहा कि वैसे भी AAP के इसी फ्रॉड और मक्कारी की वजह से दिल्ली की जनता ने आपको दिल्ली से खदेड़ दिया और अब पंजाब से भी खदेड़ने की तैयारी है। भाजपा सरकार दिल्ली की जनता को यकीन दिलाती है कि 27 साल से बदहाल पड़ी दिल्ली को भाजपा सरकार प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है और यही भाजपा सरकार का संकल्प भी है।

दिल्ली की हवा अब भी ‘बहुत खराब’ श्रेणी में

दिवाली के बाद से दिल्ली-एनसीआर में हवा की स्थिति लगातार चिंताजनक बनी हुई है। सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के अनुसार, रविवार सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 391 रिकॉर्ड किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। शहर के कई इलाकों में पॉल्यूशन की स्थिति और भी गंभीर रिकॉर्ड की गई। सेंट्रल पल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, रविवार सुबह आनंद विहार में AQI 412, अलीपुर में 415, बवाना में 436, चांदनी चौक में 409, आरके पुरम में 422, पटपड़गंज में 425 और सोनिया विहार में 415 दर्ज किया गया। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के कई हिस्सों में वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है।

GRAP के तहत प्रतिबंध जारी

प्रदूषण नियंत्रण के लिए लागू ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-2 फिलहाल पूरे एनसीआर में लागू है। इसके तहत निर्माण कार्यों पर आंशिक रोक, सड़क धूल नियंत्रण उपाय, और वाहनों की आवाजाही पर निगरानी जैसे प्रावधान जारी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तापमान में गिरावट, हवा की धीमी रफ्तार और पराली जलाने की घटनाओं के कारण प्रदूषण का स्तर फिलहाल और बढ़ सकता है।

ये भी पढ़ें

दिल्‍ली में सीएम रेखा का फैसला कितना कारगर? दफ्तरों का समय बदला, लेकिन ये चुनौतियां बरकरार

Also Read
View All

अगली खबर