
फांसी घर विवाद में अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया दिल्ली तलब।
Hanging House Controversy: दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल को दिल्ली विधानसभा ने तलब किया है। आम आदमी पार्टी (आप) के इन तीनों नेताओं को ‘फांसी घर विवाद’ से जुड़े मामले में 13 नवंबर 2025 को विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के समक्ष पेश होना होगा। यह समिति उस दावे की जांच कर रही है, जिसमें कहा गया था कि विधानसभा परिसर में मौजूद एक कमरा ब्रिटिश काल का 'फांसी घर' है।
दरअसल, 2022 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा परिसर में इस तथाकथित ब्रिटिशकालीन ‘फांसी घर’ का नवीनीकरण के बाद उद्घाटन किया था। उस वक्त इसे स्वतंत्रता संग्राम के दौर का ऐतिहासिक स्थल बताया गया था, जहाँ अंग्रेजों ने क्रांतिकारियों को फांसी दी थी। कार्यक्रम में केजरीवाल मुख्य अतिथि थे, मनीष सिसोदिया और राखी बिरला सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद थे, जबकि तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष राम निवास गोयल ने समारोह की अध्यक्षता की थी। उद्घाटन के बाद इसे एक 'देशभक्ति स्थल' के रूप में प्रचारित भी किया गया।
हालांकि, 2025 में विधानसभा के वर्तमान अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए बड़ा खुलासा किया। अगस्त में हुए मॉनसून सत्र के दौरान गुप्ता ने सदन को बताया कि विधानसभा परिसर के 1912 के मूल नक्शे के अनुसार वह कमरा दरअसल ‘टिफिन रूम’ था, जहां कर्मचारी अपना भोजन करते थे। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई दस्तावेज या प्रमाण नहीं है जो यह सिद्ध करे कि वहां कभी फांसी दी गई थी या वह किसी जेल का हिस्सा रहा हो। गुप्ता ने यह भी कहा कि पूर्व सरकार ने ऐतिहासिक तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश किया और जनता को भ्रमित किया।
इसके बाद इस मामले को जांच के लिए 9 सदस्यीय विशेषाधिकार समिति को भेज दिया गया। विधानसभा सचिवालय की ओर से हाल ही में नोटिस जारी किया गया। इसमें बताया गया कि समिति की अगली बैठक 13 नवंबर को होगी, जिसमें केजरीवाल, सिसोदिया, गोयल और राखी बिरला को अपने-अपने पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा। इस समिति की अध्यक्षता भाजपा विधायक प्रद्युम्न सिंह राजपूत कर रहे हैं, जबकि आम आदमी पार्टी के विधायक सुरेंद्र कुमार और राम सिंह नेताजी इसके सदस्य हैं।
भाजपा ने इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी को घेरते हुए कहा है कि केजरीवाल ने सदन और जनता को 'गुमराह' किया है। पार्टी ने मांग की है कि वह विधानसभा में इस ऐतिहासिक गलतबयानी के लिए माफी मांगें। वहीं, आम आदमी पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा है कि यह राजनीतिक बदले की कार्रवाई है और सवाल उठाया है कि क्या विधायक इतिहास के विशेषज्ञ हैं जो किसी स्थान की ऐतिहासिक प्रामाणिकता पर निर्णय ले सकते हैं।
दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) के कई शीर्ष नेताओं पर अलग-अलग मामलों में गंभीर आरोप लगे हैं। कुछ मामलों में मुकदमे भी दर्ज किए गए। इनमें प्रमुख रूप से दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और सांसद संजय सिंह पर शराब नीति घोटाले का मामला दर्ज हुआ। इस केस में सभी नेता जमानत पर बाहर हैं। इसके अलावा सत्येंद्र जैन, राजेंद्र पाल गौतम और अमानतुल्लाह खान जैसे नेताओं पर भी अलग-अलग आर्थिक और प्रशासनिक मामलों में जांच चल रही है। आम आदमी पार्टी का कहना है कि ये सभी मामले राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित हैं, जबकि भाजपा का आरोप है कि आप नेताओं ने सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया।
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Updated on:
07 Nov 2025 10:53 am
Published on:
07 Nov 2025 10:47 am
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