
नई दिल्ली। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अब हमारे बीच नहीं रहे लेकिन उनकी यादें हमेशा हमारे बीच जिंदा रहेंगी। वाजपेयी एक प्रखर वक्ता, राजनेता, कवि, पत्रकार और अनगिनत उपलपब्धियों से भरपूर इंसान थे। हम सब को उनकी कविताएं और अन्य रचनाएं सोशल मीडिया पर जो जरूर मिल जाएंगी लेकिन कुछ ऐसी जानकारियों जो हम सबको कमोबेस कम ही पता होगा। अटल बिहारी वाजपेयी खाने-पीने के बहुत बड़े शौकिन थे। कहा जाता है कि मध्यप्रदेश में जन्में अटल बिहारी को पारंपरिक खाना बहुत ही पसंद था। वे ग्लावियर के मशहूर खानें की चीजें पसंद करते थे। इसके अलावे जब वे प्रधानमंत्री बनकर दिल्ली में आए तो फिर यहां के भी मशहूर खाने का स्वाद लेने लगे। इसके लिए वे अक्सर दिल्ली की मशहूर पराठे वाली गली, सागर और चंगवा के यहां जाकर कुछ न कुछ जरूर खाते थे। सबसे गहरा नाता उनका पराठेवाली गली से था। हालांकि अब अटल बिहारी हमसबके बीच नहीं रहे लेकिन ये पराठेवाली गली उन्हें हमेशा याद करेगी।
नेहरू और इंदिरा गांधी भी आते थे पराठे वाली गली
आपको बता दें कि दिल्ली की चांदनी चौक के मशहूर पराठे वाली गली से अटल बिहारी का गहरा नाता था। यहां पर करीब 35 तरह के पराठे मिलते हैं और अटल बिहारी ने हर तरह के पराठों का स्वाद लेने यहां आते थे। करीब 6 पीढ़ियों से चांदनी चौक में ये चार दुकानें चल रही है जो कि 100 वर्ष से अधिक पुरानी है। बता दें कि इस जगह पर देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी भी यहां आई करती थी।
क्या-क्या पसंद करते थे वाजपेयी
आपको बता दें कि वाजपेयी को ग्वालियर (मध्य प्रदेश) के बहादुरा के बूंदी के लड्डू के अलावा दौलतगंज की मंगौड़ी भी बहुत पसंद थी। चुंकी अटल बिहारी ग्वालियर शहर के शिंदे की छावनी में जन्मे और वहीं पले-बढ़े थे इस वजह से उनका बचपन यहीं पर बीता और उन्हें यहां की दुकानों के बहादुरा के लड्डू खूब पसंद थे। ऐसा बताया जाता है कि जब वे दिल्ली से कभी ग्वालियर जाया करते थे तो वहां पर लड्डू, जलेबी और कचौड़ी का स्वाद जरूर लेते थे। साथ ही होली के दौरान ठंडई और दिवाली त्योहार में वे यहां की बनी मिठाई जरूर खाते थे। इसके अलावे अटल बिहारी खिचड़ी, खीर और मालपुआ बहुत पसंद करते थे। सबसे बड़ी बात कि खाना खाने के बाद मिठाई जरूर खाते थे। लेकिन हमेशा खाने के शौकिन रहे अटल बिहारी की सेहत जब खराब हो गई तो वे खिचड़ी खाने लगे और फिर दूध, जूस लेने लगे थे।