
Fired from 5 lakh job: कॉर्पोरेट जगत में नौकरी जाने को अक्सर एक बुरे सपने की तरह देखा जाता है, लेकिन दिल्ली के रहने वाले उद्यमी गौरव कवात्रा के लिए यह उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गया। साल 2018 में जब गौरव 37 साल के थे और उन पर ₹2 करोड़ का होम लोन था, तब उन्हें एक चीनी बहुराष्ट्रीय कंपनी में डायरेक्टर के पद से अचानक निकाल दिया गया था। उस समय उनकी सैलरी ₹5 लाख महीना थी। हाल ही में उन्होंने सोशल मीडिया पर अपना टर्मिनेशन लेटर शेयर करते हुए बताया कि कैसे इस झटके ने उन्हें एक सफल बिजनेसमैन बनने का रास्ता दिखाया।
गौरव ने अपने लिंक्डइन पोस्ट में लिखा कि 12 सितंबर 2018 को उन्हें बिना किसी सेवरेंस पैकेज के सिर्फ 3 दिन के नोटिस पर नौकरी से बाहर कर दिया गया था। उस उम्र में जब उन पर भारी-भरकम कर्ज था, इस खबर ने उन्हें पूरी तरह हिलाकर रख दिया। लेकिन आज वह इस घटना को अपने जीवन का 'सबसे बड़ा आशीर्वाद' मानते हैं, क्योंकि इसने उन्हें कॉर्पोरेट पदों और झूठी जॉब सिक्योरिटी के भरोसे बैठना छोड़ने पर मजबूर किया।
नौकरी जाने के बाद के महीने गौरव के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं थे। वित्तीय तंगी के कारण वह गहरे तनाव और पैनिक अटैक घबराहट से जूझने लगे। गौरव बताते हैं कि उन्होंने काम की तलाश में 108 कोल्ड कॉल किए, लेकिन हर जगह से सिर्फ रिजेक्शन मिला। इस मुश्किल दौर में उनकी तबीयत भी खराब हुई, वे अनिद्रा का शिकार हो गए और रात-रात भर में 12 से 15 सिगरेट पीने लगे थे।
गौरव ने बताया कि इस झटके ने उन्हें अहसास कराया कि वह एक दशक से ज्यादा समय से सिर्फ अपनी डिग्री और कंपनी के बड़े पद के भरोसे जी रहे थे, जबकि व्यावहारिक कौशल उनके पास नहीं था। नौकरी जाने के बाद उन्होंने सेल्स, मार्केटिंग और लोगों को मैनेज करना सीखा। उनका मानना है कि डिग्रियां एक समय के बाद बेअसर हो जाती हैं, लेकिन आपका हुनर हमेशा बढ़ता रहता है और वही असली ताकत है।
गौरव ने आज के दौर में छंटनी का सामना कर रहे युवाओं को सलाह दी कि वे डर या शर्म के कारण अपनी सेहत खराब न करें। उन्होंने लिखा, अपनी पत्नी से बात करें, अपनी मां से बात करें और जितना रोना आए रो लें। लेकिन शर्म को अपनी सेहत बर्बाद न करने दें। पैसा वापस कमाया जा सकता है, लेकिन सेहत नहीं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे किसी कॉर्पोरेट लोगो के गुलाम बनने के बजाय लगातार नया हुनर सीखते रहें।