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मेडल जीतकर बदली किस्मत! Wushu Player Kareena Kaushik को SSB में मिला प्रमोशन

Kareena Kaushik SSB: हरियाणा की वुशु खिलाड़ी करीना कौशिक को एसएसबी ने हेड कांस्टेबल के पद पर प्रमोट किया है। 13 साल की उम्र में स्कूल में खुद की सुरक्षा के लिए जो खेल सीखना शुरू किया था आज उसी खेल ने इस बेटी को दुनिया भर में पहचान दिला दी है। जानिए कैसे एक आम कांस्टेबल से अंतरराष्ट्रीय मेडल विजेता और अब हेड कांस्टेबल बन गईं करीना कौशिक।

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भारत

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Mohsina Bano

May 20, 2026

kareena kaushik wushu

Kareena Kaushik SSB (Image- AI)

SSB Head Constable Kareena Kaushik: भारत की बेटियों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। सशस्त्र सीमा बल (SSB) की जवान और शानदार वुशु खिलाड़ी करीना कौशिक को उनके बेहतरीन खेल और देश का नाम रोशन करने के लिए बड़ा इनाम मिला है। एसएसबी ने उनकी शानदार परफॉर्मेंस को देखते हुए उन्हें कांस्टेबल से प्रमोट कर हेड कांस्टेबल बना दिया है। उनका यह प्रमोशन 18 मई, 2026 से लागू हो गया था।

मकाऊ और ब्राजील में लहराया परचम

करीना को यह प्रमोशन हाल ही में मकाऊ में 13 से 15 मई, 2026 तक आयोजित हुए 11वें सांडा वर्ल्ड कप में उनकी बेहतरीन परफॉर्मेंस के बाद मिला। इस टूर्नामेंट में उन्होंने 60 किलोग्राम भार वर्ग में देश के लिए ब्रॉन्ज मेडल (कांस्य पदक) जीता। इससे पहले पिछले साल सितंबर 2025 में ब्राजील में हुई 17वीं विश्व वुशु चैंपियनशिप में भी उन्होंने शानदार खेल दिखाते हुए सिल्वर मेडल (रजत पदक) अपने नाम किया था।

दिल्ली एयरपोर्ट पर हुआ भव्य स्वागत

मकाऊ से शानदार जीत दर्ज करके लौटने पर एसएसबी की 25वीं बटालियन ने दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका भव्य स्वागत किया। एसएसबी के अधिकारियों ने खेल के प्रति उनके समर्पण और अनुशासन की जमकर तारीफ की। अधिकारियों का कहना है कि, करीना ने इंटरनेशनल लेवल पर एसएसबी और देश का सिर फख्र से ऊंचा किया है।

आत्मरक्षा के लिए शुरू किया था खेल

आपको बता दें कि, 21 साल की करीना कौशिक मूल रूप से हरियाणा के झज्जर जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने 13 साल की उम्र में स्कूल में अपने सेल्फ डिफेंस के लिए वुशु सीखना शुरू किया था। उनके बड़े भाई रितिक भी एक वुशु खिलाड़ी हैं जिन्हें देखकर करीना की इस खेल में दिलचस्पी और बढ़ गई। शुरुआत में उनके माता पिता इस खेल को लेकर थोड़ा झिझक रहे थे लेकिन जब करीना ने स्कूल लेवल पर मेडल जीतने शुरू किए तो परिवार ने भी उनका पूरा साथ दिया।

क्या है करीना का अगला लक्ष्य?

पिछले साल ब्राजील में हुई विश्व चैंपियनशिप में भी करीना ने बड़ा मुकाम हासिल किया था। वह अपर्णा दहिया और शिवानी प्रजापति के साथ उन तीन भारतीय महिलाओं में शामिल थीं जो पहली बार सांडा स्पर्धा के फाइनल राउंड तक पहुंची थीं। नौकरी की जिम्मेदारियों के साथ-साथ कड़ी एथलेटिक ट्रेनिंग करने वाली करीना का कहना है कि, उनका अगला लक्ष्य विश्व-स्तर की प्रतियोगिताओं में भारत के लिए गोल्ड मेडल जीतना है।