नई दिल्ली

Delhi Environmental Cess Hike: दिल्ली में कमर्शियल वाहनों की एंट्री पर टैक्स बढ़ा, आज से नए रेट लागू

Delhi Environmental Cess Hike: दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को कम करने के लिए कमर्शियल गाड़ियों पर Environmental Cess (ECC) बढ़ा दिया गया है। नए रेट आज से लागू हो गए हैं, जिससे ट्रकों और भारी वाहनों की एंट्री महंगी हो गई है।

2 min read
दिल्ली में कमर्शियल वाहनों पर ECC में हुई बढ़ोतरी

Delhi Environmental Cess Hike: दिल्ली में बढ़ते एयर पॉल्यूशन को कंट्रोल करने के लिए प्रशासन लगातार सख्त कदम उठा रहा है। कमर्शियल वाहनों को प्रदूषण का एक बड़ा कारण माना जाता है, खासकर डीजल ट्रक और भारी वाहन को। इसी कड़ी में आज से दिल्ली में एंट्री लेने वाले कमर्शियल वाहनों पर एनवायरनमेंट कंपेनसेशन चार्ज (Environmental Compensation Charge) यानी ईसीसी को बढ़ा दिया गया है। आपको बता दें कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के उन निर्देशों के बाद लागू हुआ है, जो राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम करने और ट्रैफिक दबाव को कम करने से संबंधित थे।

ये भी पढ़ें

दिल्ली में पेट्रोल वाहनों की बिक्री होगी बंद; नई EV पॉलिसी से 2028 के बाद बदल जाएगी सड़कों की तस्वीर

नए रेट लागू: किस वाहन पर कितना असर?

अब नए रूल के हिसाब से दिल्ली में एंट्री के लिए छोटी कमर्शियल गाड़ियों और 2 एक्सल ट्रकों को पहले के 1400 रुपये की जगह 2000 रुपये देने पड़ेंगे। इन वाहनों के लिए चार्ज में 43% बढ़ोतरी हुई है। वहीं 3 एक्सल और मल्टी एक्सल भारी ट्रकों के लिए यह चार्ज 2600 रुपये से बढ़ाकर 4000 रुपये कर दिया गया है, जो पहले से लगभग 53 से 54% ज्यादा है।

म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन ऑफ दिल्ली ने एक सर्कुलर के जरिए इन नई दरों को लागू किया है। इसके साथ ही यह भी तय किया गया है कि हर साल 1 अप्रैल से यह चार्ज अपने आप 5% बढ़ता रहेगा, और रकम को पास के 10 रुपये तक राउंड ऑफ किया जाएगा।

कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ फैसला

12 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने MC Mehta vs Union of India मामले में इस प्रस्ताव को सही और जरूरी मानते हुए मंजूरी दे दी। कोर्ट ने साफ कहा कि नए रेट बिना देरी के लागू किए जाएं, ताकि प्रदूषण पर जल्दी असर दिख सके। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि टोल वसूली का सिस्टम हर जगह एक जैसा हो, जिससे किसी तरह की गड़बड़ी या कन्फ्यूजन नहीं हो। कोर्ट ने अधिकारियों को यह भी कहा कि ट्रैफिक और रेवेन्यू पर नजर रखें और पूरे सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया के साथ मिलकर काम करें।

प्रदूषण नियंत्रण है मुख्य उद्देश्य

यह शुल्क मुख्य रूप से प्रदूषण नियंत्रण के लिए लगाया जाता है ताकि अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों का शहर में प्रवेश थोड़ा कम किया जा सके। नीति का उद्देश्य इन वाहनों को शहर के बाहर बने एक्सप्रेसवे और बाईपास मार्गों की ओर मोड़ना है। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट आयोग ने इस प्रस्ताव को तैयार किया था, जिसे अदालत ने सही और संतुलित बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से दिल्ली में भारी वाहनों की संख्या कम होगी और एयर क्वालिटी में सुधार की संभावना बनेगी।

ये भी पढ़ें

SANGAM Project: अब जनता के साथ मिलकर खत्म होगा ट्रैफिक, दिल्ली की सड़कों पर दिखेगा बड़ा बदलाव
Also Read
View All