
Delhi Fire: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। गेस्ट हाउस के मालिक लवकेश बजाज की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे लगातार पूछताछ कर रही है, जिसमें होटल में बरती गई कई लापरवाहियों का पता चला है। फायर एनओसी न होना, तय क्षमता से ज्यादा लोगों को ठहराना और सुरक्षा नियमों की अनदेखी जैसे कई मामले सामने आ चुके हैं। अब पूछताछ में लवकेश ने एक और बात कबूल की है। उसने बताया कि हादसे के वक्त वह गेस्ट हाउस के पास ही था, लेकिन आग और अफरा-तफरी का माहौल देखकर घबरा गया और लोगों की मदद करने के बजाय वहां से भाग निकला।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान लवकेश बजाज ने बताया कि आग लगने के समय वह गेस्ट हाउस के आसपास ही था। उसने जैसे ही आग और लोगों के फंसा हुआ देखा, वह घबरा गया। उसने न तो किसी को बचाने की कोशिश की और न ही मौके पर रुककर अधिकारियों की मदद की। इसके बजाय वह वहां से चला गया। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी से पहले वह कई घंटों तक इधर-उधर घूमता रहा और होटल से दूर ही रहा।
पुलिस जांच में सामने आया है कि गेस्ट हाउस के पास फायर सेफ्टी एनओसी नहीं थी। पूछताछ में मालिक ने भी इस बात को स्वीकार किया है। अधिकारियों का कहना है कि इमारत में सुरक्षा के इंतजाम भी पूरे नहीं थे। हादसे के बाद सामने आई तस्वीरों और जांच में कई कमियां मिली हैं।
जांच में पता चला है कि इस इमारत में सिर्फ छह कमरे चलाने की अनुमति थी, लेकिन यहां बेसमेंट समेत करीब 25 कमरे बना दिए गए थे। उसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि होटल के निर्माण कार्य में बदलाव किए गए और उनहें यह सलाह दी गई कि दिल्ली में सब चलता है।साथ ही उन्होंने मामले का जिम्मेदार किसी और व्यक्ति को बताया है। उनकीा कहना है कि होटल के संचालन से संबंधित जिम्मेदारी किसी और को सौंप रखी थी।
पुलिस के मुताबिक, लवकेश बजाज ने साल 2022 में यह इमारत खरीदी थी। इससे पहले यहां एक पुरानी खादी की दुकान हुआ करती थी। बाद में इसे गेस्ट हाउस में बदल दिया गया। आरोप है कि ऐसा करते समय सुरक्षा से जुड़े जरूरी इंतजामों पर ध्यान नहीं दिया गया।
शुरुआती जांच में पता चला है कि इमारत में आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता था। इसके अलावा कई खिड़कियां भी बंद थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर से चलता था। आग लगने के बाद जब धुआं तेजी से फैलने लगा तो लोगों के लिए बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो गया। अधिकारियों का मानना है कि यही वजह थी कि कई लोग अंदर फंस गए और समय रहते बाहर नहीं निकल पाए।