4 जून 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

दिल्ली अग्निकांड में होटल मालिक ने किया खुलासा- ‘मैं नहीं देखता था काम’, बताया किस तरह होटल बना मौत का जाल

Delhi Fire Case Investigation: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में गिरफ्तार होटल मालिक से पूछताछ में कई बड़े खुलासे हुए हैं। जांच में फायर एनओसी, सुरक्षा नियमों की अनदेखी और क्षमता से ज्यादा लोगों को ठहराने जैसी बातें सामने आई हैं।

2 min read
Google source verification
Delhi Fire Case Investigation

मालवीय नगर होटल के मालिक ने पुलिस पूछताछ में किए खुलासे (Photo- IANS/ANI)

Delhi Fire: दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने पुलिस पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार लवकेश ने दावा किया है कि वह खुद गेस्ट हाउस का रोजमर्रा का कामकाज नहीं देखते थे और इस मामले में उन्होंने दूसरे को जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही उन्होंने होटल संचालन में लापरवाही को लेकर भी बहुत खुलासे किए हैं। उन्होंने, किस तरह होटल में बदलाव करवाए गए और कैसे होटल मौत का जाल बना, सब बताया है।

क्षमता से कहीं ज्यादा लोगों को ठहराया गया था

जांच में सामने आया है कि फ्लोरिश स्टेज गेस्ट हाउस अपनी तय क्षमता से करीब चार गुना ज्यादा लोगों को ठहराकर चलाया जा रहा था। अधिकारियों के अनुसार इमारत में जितने लोगों के रुकने की अनुमति थी, उससे कहीं ज्यादा मेहमान वहां मौजूद थे। ऐसे में आग लगने के बाद हालात और बिगड़ गए। बड़ी संख्या में लोगों के फंसे होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन भी काफी मुश्किल हो गया और कई लोगों को समय रहते बाहर नहीं निकाला जा सका।

बिना फायर NOC के चलस रहा था होटल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि गेस्ट हाउस के पास फायर एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) नहीं थी। हालांकि होटल मालिक लवकेश बजाज का कहना है कि 15 मीटर से कम ऊंचाई वाली इमारतों को फायर एनओसी की जरूरत नहीं होती। लेकिन पुलिस अब यह जांच कर रही है कि सुरक्षा के दूसरे नियमों का पालन किया गया था या नहीं। हादसे के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

होटल मालिक बोला- मैं खुद नहीं देखता था सारा काम

पूछताछ में होटल मालिक लवकेश बजाज ने पुलिस को बताया कि उसके पास होटल की रोजमर्रा की व्यवस्था देखने का समय नहीं था। उसके अनुसार, बिलिंग, अकाउंट और गेस्ट हाउस का पूरा संचालन किसी दूसरे व्यक्ति को सौंपा गया था। पुलिस अब उस व्यक्ति की भूमिका की भी जांच कर रही है।

'दिल्ली में सब चलता है' कहकर कराए गए बदलाव

सूत्रों के अनुसार पूछताछ में लवकेश ने बताया कि इमारत में कई निर्माण संबंधी बदलाव और कमरों का विस्तार दूसरे लोगों की सलाह पर किया गया था। उसे भरोसा दिलाया गया था कि ऐसे बदलाव आम बात हैं और किसी तरह की परेशानी नहीं होगी क्योंकि दिल्ली में सब चलता है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि होटल में किए गए बदलावों की मंजूरी ली गई थी या नहीं।

बंद खिड़कियां बनीं लोगों के लिए मुसीबत

जांच में यह बात भी सामने आई है कि इमारत की कई खिड़कियां सील या बंद थीं। आग फैलने के बाद अंदर फंसे लोगों के पास बाहर निकलने के बहुत कम रास्ते बचे। कई लोगों ने खिड़कियों से निकलने की कोशिश की, लेकिन उन्हें उतनी जगह नहीं मिल सकी। अधिकारियों का मानना है कि अगर बाहर निकलने के रास्ते ज्यादा होते तो शायद कुछ और लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

दिल्ली फायर सर्विस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि आग की शुरुआत ग्राउंड फ्लोर पर सीढ़ियों के पास रखे सामान से हो सकती है। माना जा रहा है कि वहीं से आग भड़की और तेजी से पूरी इमारत में फैल गई।