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Delhi Fire: आग में फंसे मेहमानों के लिए ‘देवदूत’ बने इसरार खान और वसीम रजा, सरकार ने खत्म कर दी जो पॉलिसी उसी के तहत चल रहा था होटल

Delhi Fire Rescue Operation: मालवीय नगर आग हादसे में इसरार खान और वसीम रजा कई लोगों के लिए मसीहा बनकर सामने आए। हादसे के बाद होटल की वैधता की भी जांच शुरू हो गई है।

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Delhi Fire

दिल्ली अग्निकांड के बाद सरकार ने दिए जांच के आदेश (Photo-IANS)

Delhi Fire: साउथ दिल्ली में 3 जून को मालवीय नगर के फ्लोरिश स्टेज गेस्ट हाउस में बहुत खौफनाक मंजर देखने को मिला। एक तरफ आग की लपटें थी और दूसरी तरफ लोगों के चीखने-पुकराने की आवाजें। आपको बता दें कि इस हादसे में 21 लोगों की मौत हुई है। घटना के समय कुछ स्थानीय लोगों ने बिना अपनी जान की परवाह किए आग में फंसे महमानों की मदद की और मसीहा बनकर सामने आए। इसरार खान और वसीम रजा ने अपनी जान जोखिम में डालकर कई लोगों को बचाने में मदद की। वहीं इस हादसे के बाद यह भी पता चला कि जिस बीएंडबी (बेड एंड ब्रेकफास्ट) पॉलिसी के तहत यह गेस्ट हाउस चल रहा था, उसे दिल्ली सरकार कुछ समय पहले ही वापस ले चुकी थी।

चीखें सुनकर मदद के लिए दौड़े इसरार खान

गेस्ट हाउस में आग लगते ही पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी। खिड़कियों और कमरों से लोगों की चीखें सुनाई दे रही थीं। ऐसे में 40 साल के इसरार खान सबसे पहले मदद के लिए पहुंचने वालों में शामिल थे। उन्होंने बताया कि कई लोग आग और धुएं में फंसे हुए थे और सब किसी न किसी तरह बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसरार ने कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों की स्किन आग में जल चुकी था और वे सब दर्द से चीख रहे थे। ऐसा भयावह मंजर उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था।

वसीम रजा ने पुलिस के साथ मिलकर बचाई जानें

मैक्स अस्पताल में सुरक्षा अधिकारी के रूप में काम करने वाले वसीम रजा भी इस मामले में मसीहा बनकर सामने आए। उन्होंने बताया कि उन्होंने कम से कम 7 लोगों की जान बचाई। उन्होंने बताया कि बेसमेंट में दो कमरे थे जहां कई लगो फंसे हुए थे। उन लोगों तक पहुंचने के लिए उन्होंने पुलिस के साथ मिलकर लोहे की ग्रिल काटी और अंदर फंसे लोगों को बाहर निकालने में मदद की।

40 से ज्यादा लोगों को बाहर निकाला गया

दमकल विभाग, पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से 40 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। दक्षिण जिले के डीसीपी अनंत मित्तल के अनुसार, सुबह सूचना मिलते ही पुलिस और बचाव दल मौके पर पहुंच गए थे। मौके पर आठ दमकल गाड़ियों भेजी गई थी और तुरंत लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू कर दिया गया था। कई लोगों को रेसक्यू कर तुरंत हॉस्पिटल पहुंचाया गया। उनका इलाज जारी है।

बेसमेंट के किचन से शुरू हुई थी आग

शुरुआती जांच में पता चला है कि आग बेसमेंट में बने किचन से शुरू हुई थी। देखते ही देखते आग और धुआं पूरी बिल्डिंग में फैल गया। हर जगह सिर्फ धुआं ही धुआं था जिस वजह से लोगों को सांस लेने में दिक्कत आने लगी। साथ ही धुएं की वजह से उन्हें कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और दम घुटने की वजह से वह वहीं बेहोेश हो गए। अधिकारियों का कहना है कि आग से ज्यादा खतरनाक यहां धुआं साबित हुआ है।

पॉलिसी हो चुकी थी खत्म

हादसे के बाद यह भी सामने आया कि फ्लोरिश स्टेज बीएंडबी उस बेड एंड ब्रेकफास्ट (B&B) पॉलिसी के तहत संचालित हो रहा था, जिसे दिल्ली सरकार लगभग एक महीने पहले वापस ले चुकी थी। पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि पुरानी नीति में कई खामियां थीं। इसी वजह से 26 मई को बेड एंड ब्रेकफास्ट नीति-2026 का ड्राफ्ट जारी कर लोगों से सुझाव भी मांगे गए थे।

सरकार ने अपनाया सख्त रख

दिल्ली अग्निकांड के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। गृह मंत्री आशीष सूद ने नियमों का उल्लंघन करने वाले बीएंडबी और गेस्ट हाउसों को तुरंत सील करने के निर्देश दिए हैं। पुलिस ने गेस्ट हाउस के मालिक लव केश बजाज को गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया गया है। वहीं मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पूरे मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही दिल्ली में चल रहे ऐसे गेस्ट हाउसों और दूसरी जगहों की भी जांच की जाएगी, जहां सुरक्षा नियमों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। नियमों की अनदेखी करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।

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