
Delhi High Court on red Bull : दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को Red Bull को बड़ी राहत देते हुए FSSAI के उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें कंपनी को अपने उत्पादों के लिए 'Energy Drink' शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने कहा कि यह आदेश जारी करने से पहले कंपनी को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया था।
जस्टिस अमित महाजन ने Red Bull की याचिका को इस सीमित आधार पर मंजूर किया कि खाद्य नियामक Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) ने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन नहीं किया।
हाईकोर्ट ने कहा कि 30 जून 2026 को FSSAI की ओर से जारी आदेश में Red Bull को 'Energy Drink' शब्द का इस्तेमाल बंद करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन कंपनी को न तो जवाब दाखिल करने का मौका दिया गया और न ही अपना पक्ष रखने का अवसर मिला। इसके बाद कोर्ट ने FSSAI के आदेश को रद्द कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि FSSAI इस मामले पर दोबारा विचार कर सकता है और कानून की उचित प्रक्रिया का पालन करते हुए नया फैसला ले सकता है। FSSAI को Red Bull को शो-कॉज नोटिस जारी करने और सुनवाई का अवसर देने के बाद नया आदेश पारित करने की अनुमति दी गई है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में यह फैसला नहीं दिया कि Red Bull अपने उत्पादों पर कानूनी तौर पर “Energy Drink” शब्द का इस्तेमाल कर सकता है या नहीं। यानी इस मुद्दे पर अंतिम फैसला अभी नहीं हुआ है। Red Bull ने FSSAI के 30 जून के आदेश को चुनौती दी थी। यह आदेश FSSAI के असिस्टेंट डायरेक्टर ने जारी किया था, जिसमें कंपनी को अपने कैफीनयुक्त पेय उत्पादों के लिए इस शब्द का इस्तेमाल बंद करने को कहा गया था। कंपनी ने FSSAI के 17 जुलाई के उस संचार को भी चुनौती दी थी, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को कथित तौर पर नियमों का पालन नहीं करने वाले उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा गया था।
Red Bull ने अपनी याचिका में कहा था कि वह भारत में 2002 से “Energy Drink” शब्द के साथ अपने उत्पाद बेच रही है। कंपनी का दावा था कि FSSAI ने बिना शो-कॉज नोटिस और जवाब देने का अवसर दिए यह निर्देश जारी किया। कंपनी ने यह भी आरोप लगाया कि 17 जुलाई के संचार के बाद देश के कई हिस्सों में उसके उत्पादों के खिलाफ कार्रवाई की गई और कुछ जगहों पर उत्पाद जब्त किए गए। Red Bull ने FSSAI के पहले के रुख का भी हवाला दिया। कंपनी के मुताबिक, मार्च 2024 की FSSAI एडवाइजरी में संबंधित खाद्य श्रेणियों के अंतर्गत आने वाले कैफीनयुक्त पेय पदार्थों के लिए “Energy Drink” शब्द के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी।
कंपनी ने अप्रैल 2024 की केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की प्रेस रिलीज, लाइसेंस, आयात मंजूरी और वर्षों के दौरान जारी किए गए नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट का भी हवाला दिया। Red Bull का तर्क था कि कानून, नियमों या वैज्ञानिक परिस्थितियों में ऐसा कोई बदलाव सामने नहीं आया था, जिससे बाद में “Energy Drink” शब्द पर रोक लगाने का निर्देश उचित ठहराया जा सके। अब हाईकोर्ट के आदेश के बाद FSSAI को उचित प्रक्रिया अपनाते हुए Red Bull को नोटिस देना होगा और कंपनी का जवाब सुनने के बाद इस मामले पर नया फैसला लेना होगा।