
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा(फोटो सोर्स-IANS)
Pawan Khera: देश की मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर एक बार फिर राजनिति गर्मा गई है। SIR को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पूर्व गृह सचिव आर.के. सिंह के आरोपों का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। खेड़ा ने कहा कि चुनाव आयोग में जनता का भरोसा बहाल करने के लिए CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा जरूरी पहला कदम है।
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह की चिंताओं का समर्थन करते हुए कहा कि वे प्रशासनिक व्यवस्था को अंदर-बाहर से भली-भांति समझते हैं। उनके द्वारा उठाए गए बिंदु किसी राजनीतिक बयानबाजी का हिस्सा नहीं, बल्कि चुनाव प्रणाली की कमियों को उजागर करने वाला एक गंभीर दस्तावेज हैं। खेड़ा का कहना है कि जिस तरह से मतदाता सूचियों में बदलाव किए जा रहे हैं, उससे आम नागरिकों के मताधिकार पर खतरा मंडरा रहा है।
आर.के. सिंह के खुले पत्र के आधार पर विपक्ष ने निम्नलिखित आपत्तियां दर्ज कराई हैं-
विवाद बढ़ने के साथ ही विपक्षी दलों से एकजुट होने की अपील की गई है। मांग रखी गई है कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए प्रधानमंत्री, विपक्ष के नेता और सुप्रीम कोर्ट के जज की समिति बनाई जाए। इसके अलावा आगामी चुनावों को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बजाय पुराने बैलेट पेपर से वोटिंग कराने की बात भी कही जा रही है।
इसी बीच कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने गृह मंत्रालय से जुड़ी एक उच्च स्तरीय समिति के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं। रमेश का आरोप है कि विभिन्न राज्यों से पिछले 15 वर्षों का धार्मिक आधार पर डेटा (जैसे स्कूल नामांकन, संपत्ति पंजीकरण आदि) मांगा जा रहा है, जो सही नीयत से नहीं किया जा रहा है।
चुनाव आयुक्तों के बीच आपसी असहमति की खबरों और मीडिया रिपोर्ट्स को खारिज करते हुए निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि SIR से जुड़े सभी फैसले आयोग की सर्वसम्मति और स्थापित नियमों के तहत ही लिए गए हैं।
Updated on:
29 Sept 2026 11:13 am
Published on:
29 Sept 2026 11:02 am
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