नई दिल्ली

दिल्ली होटल अग्निकांड: ‘हमने कहा बेटा जयपुर में है’, ICU में भर्ती पिता से छिपाया गया 8 अपनों की मौत का सच

Hauz Rani Fire Incident : दिल्ली के हौज़ रानी बी एंड बी अग्निकांड में अपने परिवार के 8 लोगों को खोने वाले 76 साल के राधेश्याम अग्रवाल का निधन हो गया। वे परिवार की मौत की खबर से अनजान ही दुनिया से विदा हो गए।

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Hauz Rani Fire Incident
घटना स्थल और पीड़ितों के परिजन रोते बिलखते, फोटो सोर्स- ANI

Radheshyam Aggarwal Death: देश की राजधानी के हौज रानी इलाके के एक 'बी एंड बी' होमस्टे में हुए भीषण अग्निकांड से जुड़ी एक ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसे जानने के बाद हर किसी की आंखे नम हो गई। दरअसल, इस हादसे में अपने परिवार के 8 सदस्यों को खोने वाले 76 साल राधेश्याम अग्रवाल का मंगलवार सुबह अस्पताल में निधन हो गया। वे साकेत के एक निजी अस्पताल के आईसीयू (ICU) में फेफड़ों के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे। अब पूरी घटना में सबसे ज्यादा दिल को झकझोरने वाली बात ये है कि राधेश्याम ने इस दुनिया से विदा लेने के आखिरी पल तक यह नहीं जाना कि उनका पूरा हंसता-खेलता परिवार इस आग की भेंट चढ़ चुका है। रिश्तेदारों ने सदमे के डर से उनसे यह खौफनाक सच छिपा कर रखा था।

आखिरी सांस तक बेटे का इंतजार करते रहे राधेश्याम

बता दें कि अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहे राधेश्याम अग्रवाल हर दिन अपनी पत्नी, बेटे विवेक और पोतियों के बारे में पूछते थे। रिश्तेदारों के मुताबिक, वह बार-बार बेटे को पुकारते थे, लेकिन परिवार ने उन्हें सच बताने की हिम्मत नहीं जुटाई। उन्हें बताया जाता रहा कि विवेक किसी काम से जयपुर गया है और जल्द ही मिलने आएगा। कई दिनों तक परिवार का कोई सदस्य मिलने नहीं पहुंचा तो राधेश्याम को भी कुछ अनहोनी का अंदेशा होने लगा था। रिश्तेदारों का कहना है कि अगर उन्हें होटल अग्निकांड में पत्नी, बेटे, बहू, पोतियों और अन्य परिजनों की मौत का सच बता दिया जाता, तो वे उसी पल पूरी तरह टूट जाते। सोमवार को राधेश्याम बेहोश हो गए और मंगलवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन के साथ ही इस त्रासदी से प्रभावित परिवार की आखिरी कड़ी भी खत्म हो गई।

टाइम्स ऑफ इंडिया के रिपोर्ट के मुताबिक, रिश्तेदारों ने बताया है कि राधेश्याम अग्रवाल की तबीयत बिगड़ने के बाद पूरा परिवार अस्पताल के पास में ही रहने का फैसला किया। इसी कारण वे गुरुग्राम स्थित अपना घर छोड़कर अस्थाई रूप से हौज रानी के एक बी एंड बी में रहने लगे थे, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत अस्पताल पहुंच सकें। लेकिन इस भीषण आग ने अग्रवाल परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। हादसे में राधेश्याम की पत्नी प्रेमलता (70), बेटा विवेक (47), बहू तर्जनी (42) और पोतियां जीविषा (20) तथा वारेन्या (16) की दर्दनाक मौत हो गई।

बैंगलुरु से कुछ घंटे पहले ही दिल्ली पहुंची थी पोती

आपको बता दें कि हादसे में राधेश्याम अग्रवाल के परिवार के अलावा उनकी पत्नी प्रेमलता के राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ निवासी तीन रिश्तेदार कमला (52), अशोक (56) और जावेरी की भी मौत हो गई। सबसे दर्दनाक बात यह रही कि 20 साल की पोती जीविषा अपने बीमार दादा के साथ समय बिताने और उनकी देखभाल में परिवार का साथ देने के लिए हादसे से महज कुछ घंटे पहले ही बेंगलुरु से फ्लाइट लेकर दिल्ली पहुंची थी, लेकिन वह भी इस भीषण आग की चपेट में आकर जान गंवा बैठी।

Published on:
10 Jun 2026 11:54 am
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