
Delhi Police Action: दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की तरफ से दोबारा प्रदर्शन शुरू करने की चेतावनी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस पूरी तरह अलर्ट हो गई है। जंतर-मंतर पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है कि वहां रास्ते बंद करने के लिए लगाए गए भारी बैरिकेड्स को लोहे से वेल्डिंग करके बिल्कुल फिक्स कर दिया गया है। सिर्फ जमीन पर ही नहीं, पुलिस इंटरनेट पर भी पूरी नजर रख रही है। पिछले आंदोलन के दौरान सोशल मीडिया पर फैलाए गए करीब 12,220 विवादित, भड़काऊ और फेक सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को एक तरह से छावनी में बदल दिया है। पुलिस ने प्रदर्शन वाली जगह के दोनों तरफ मजबूत बैरिकेड्स लगा दिए हैं और उन्हें वेल्डिंग करके पूरी तरह जाम कर दिया है, ताकि कोई भी इन्हें आसानी से हटा न सके। इसके साथ ही किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस बल के साथ-साथ रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक पूरी कंपनी को भी 24 घंटे के लिए तैनात कर दिया गया है।
आंदोलन के नाम पर इंटरनेट पर माहौल बिगाड़ने वालों पर भी दिल्ली पुलिस की साइबर यूनिट (IFSO) ने कड़ा शिकंजा कसा है। पुलिस की जांच में 12,220 से ज्यादा ऐसे पोस्ट सामने आए हैं, जिनमें भड़काऊ बातें, गाली-गलौज और झूठी खबरें शेयर की जा रही थी। इस मामले में पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स (ट्विटर) जैसे प्रमुख सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को मेल भेजकर इन सभी पोस्ट को तुरंत हटाने के लिए कहा है। इनमें से कई पोस्ट हटाए भी जा चुके हैं। इसके साथ ही पुलिस ने इन फेक अकाउंट्स को चलाने वाले यूजर्स की पूरी डिटेल भी कंपनियों से मांगी है ताकि उन पर कानूनी कार्रवाई की जा सकें।
पुलिस की जांच में एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। कुछ लोगों ने माहौल खराब करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल करके फर्जी वीडियो बनाए थे। इन फेक वीडियो और पोस्ट के जरिए केंद्र सरकार, कई बड़े मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया गया था। इतना ही नहीं, दिल्ली पुलिस को बदनाम करने के लिए एक डीसीपी और एक सब-इंस्पेक्टर के फर्जी इस्तीफे की खबरें भी सोशल मीडिया पर वायरल कर दी गईं, जिन्हें जांच के बाद पूरी तरह भ्रामक और झूठा पाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी शख्स को छोड़ा नहीं जाएगा।