Vande Bharat Sleeper Train: दिल्ली से कोलकाता के बीच जनवरी के तीसरे सप्ताह में वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का शुभारंभ हो सकता है। इसके बाद 1450 किलोमीटर की दूरी मात्र 13 घंटे में तय की जा सकेगी। इस ट्रेन के चलने से चार राज्यों के यात्रियों को फायदा होगा।
Vande Bharat Sleeper Train: तेज रफ्तार और सुविधाजनक सफर की पहचान बन चुकी वंदे भारत ट्रेन अब चार राज्यों को नए अवतार में जोड़ेगी। अभी तक वंदे भारत ट्रेन में सिर्फ चेयरकार की सुविधा थी, लेकिन अब दिल्ली से कोलकाता के बीच स्लीपर वंदे भारत ट्रेन दौड़ाने की योजना साकार रूप लेने लगी है। रेलवे सूत्रों की मानें तो देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन जनवरी के तीसरे सप्ताह में दिल्ली से कोलकाता के बीच चल सकती है। इसके पीछे पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को बड़ा कारण माना जा रहा है। हालांकि इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कहा जा रहा है कि विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार जनवरी में ही इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकती है।
अगर ऐसा होता है तो यह पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के लिए केंद्र सरकार की बड़ी सौगात होगी। इसके साथ ही इस ट्रेन के चलने उत्तर प्रदेश, बिहार के यात्रियों को भी बड़ा फायदा मिलने वाला है। यानी वंदे भारत स्लीपर ट्रेन शुरू होने से दिल्ली, पश्चिम बंगाल, यूपी और बिहार के यात्रियों को आरामदायक सफर का फायदा मिलेगा। दरअसल, पश्चिम बंगाल में मार्च-अप्रैल 2026 विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इसे देखते हुए रेलवे सूत्रों का कहना है कि जनवरी के तीसरे या चौथे सप्ताह तक दिल्ली से कोलकाता के बीच वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी मिल सकती है। हालांकि पहले इस ट्रेन को दिसंबर 2025 में ही चलाने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।
रेलवे के अनुसार वंदे भारत ट्रेन की स्पीड 160-180 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट की मानें तो यह स्पीड सिर्फ कागजों में है। धरातल पर वंदे भारत ट्रेन की स्पीड 100-110 किलोमीटर प्रति घंटा ही है। ऐसे में अगर इसी स्पीड को सही माना जाए तो दिल्ली से कोलकाता की औसत दूरी 1450 किलोमीटर है। इसके अलावा यह ट्रेन उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए चलाई जाएगी। ऐसे में दिल्ली से कोलकाता के बीच 1450 किलोमीटर की दूरी तय करने में लगभग 13 से 15 घंटे का समय लगने की बात कही जा रही है।
वंदे भारत ट्रेन का हाल ही में 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रायल हुआ था। हालांकि इस दौरान भले ही ट्रेन की रफ्तार कुछ कम रही, लेकिन इसका सफर बहुत आरामदायक रहा। यह ट्रेन लंबी दूरी के यात्रियों की सहूलियत को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसमें बेहतर सस्पेंशन की वजह से झटके बिल्कुल न के बराबर लगते हैं। केंद्रीय रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने 30 दिसंबर को अपने सोशल मीडिया 'X'अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया था। इसमें 180 की रफ्तार से दौड़ रही वंदे भारत ट्रेन की सीट पर रखा पानी से भरा गिलास स्थिर दिखा यानी भरे गिलास का पानी नहीं छलका।
रेलवे सूत्रों की मानें तो दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल ऐसे राज्य हैं, जहां से बड़ी संख्या में यात्री राष्ट्रीय राजधानी आते हैं। इसके अलावा इन्हीं राज्यों के यात्री दिल्ली से वापसी भी बड़ी संख्या करते हैं। ऐसे में इस रूट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन चलने से सबसे ज्यादा फायदा इन्हीं राज्यों को मिलेगा। हालांकि रेलवे की ओर से अभी तक इस ट्रेन के स्टॉपेज की जानकारी साझा तो नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि दिल्ली से चलकर यह ट्रेन यूपी के इलाहाबाद (प्रयागराज), पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन पर रुकेगी। इसके अलावा बात अगर बिहार की करें तो पटना स्टेशन पर इसका ठहराव होगा।
अब अगर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के किराए की करें तो औसतन वंदे भारत ट्रेन का किराया दूरी के हिसाब से तय किया जाता है। रेलवे सूत्रों का कहना है कि दिल्ली से कोलकाता के बीच चलने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन के एसी 3 टियर का औसत किराया 2300 रुपये, एसी 2 टियर का 3000 रुपये और फर्स्ट एसी का औसत किराया 3600 रुपये रखा गया है। इस हिसाब से देखें तो एसी 3 टियर का किराया लगभग डेढ़ रुपये प्रति किलोमीटर, एसी 2 टियर का किराया लगभग 2 रुपये प्रति किलोमीटर और फर्स्ट एसी का किराया लगभग तीन रुपये प्रति किलोमीटर पड़ेगा।