नई दिल्ली

दिल्ली लाल किला कार बम धमाका मामला: स्पेशल कोर्ट ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 12 अगस्त तक बढ़ाई

Delhi Red Fort blast case NIA: राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली रेड फोर्ट कार बम धमाके के 9 आरोपियों की न्यायिक हिरासत 12 अगस्त तक बढ़ाई। NIA ने मामले में 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है।
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Delhi Red Fort blast case NIA
स्पेशल कोर्ट ने आरोपियों की न्यायिक हिरासत 12 अगस्त तक बढ़ाई

Rouse Avenue court NIA chargesheet: दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट परिसर स्थित विशेष एनआईए (NIA) अदालत ने मंगलवार को नवंबर 2025 के लाल किला कार बम विस्फोट मामले के आरोपियों की न्यायिक हिरासत 12 अगस्त तक बढ़ा दी है। विशेष न्यायाधीश (एनआईए) प्रशांत शर्मा की नवगठित विशेष अदालत ने यह आदेश जारी किया। कोर्ट एनआईए द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट पर विचार कर रहा है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी

मामले की सुनवाई के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस केस के सभी 9 आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विशेष अदालत के समक्ष पेश किया। एजेंसी द्वारा पेश किए गए आरोपियों में आमिर रशीद मीर, जासिर बिलाल वानी, डॉ. मुजमिल शकील, डॉ. आदिल अहमद राथर, डॉ. शाहीन सईद, मुफ्ती इरफान अहमद वागय, सोयब, डॉ. बिलाल नसीर मल्ला और यासिर अहमद दार शामिल हैं। सभी आरोपियों को सुरक्षा और न्यायिक प्रक्रिया का पालन करते हुए जेल से वर्चुअल माध्यम के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल कराया गया। सुनवाई के दौरान एनआईए ने मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अदालत को अवगत कराया, जबकि अदालत ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी रखी।

7,500 पन्नों की चार्जशीट में गंभीर खुलासे

एनआईए ने इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ 7,500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की थी। मुख्य साजिशकर्ता डॉ. उमर उन नबी की धमाके में मौत हो चुकी है। 10 नवंबर 2025 को हुए इस उच्च तीव्रता वाले VBIED (वाहन आधारित विस्फोटक) विस्फोट में 11 लोगों की जान चली गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे।

जांच एजेंसी द्वारा किए गए खुलासे

सभी आरोपी अल-कायदा के सहयोगी संगठन 'अंसार गजवत-उल-हिंद' (AGuH) से जुड़े थे। 'ऑपरेशन हेवनली हिंद': आरोपियों ने कथित तौर पर इस ऑपरेशन के जरिए लोकतांत्रिक सरकार के खिलाफ जिहादी साजिश रची थी। इनमें कई डॉक्टर और पेशेवर शामिल थे। धमाके में ट्रायसिटोन ट्रायपरऑक्साइड (TATP) नामक खतरनाक विस्फोटक का इस्तेमाल हुआ था, जिसे रसायनों के प्रयोग से तैयार किया गया था। आरोपियों के पास से AK-47, क्रिंकोव राइफलें और रॉकेट/ड्रोन आधारित IED परीक्षणों के साक्ष्य भी मिले हैं।

एनआईए ने जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, यूपी, महाराष्ट्र और दिल्ली-एनसीआर में विस्तृत जांच के बाद 588 गवाहों और 395 से अधिक दस्तावेजों के साथ यह आरोप पत्र तैयार किया है।

Updated on:
04 Aug 2026 07:34 pm
Published on:
04 Aug 2026 07:34 pm