
Fake Logistics Company: अगर आप ऑनलाइन ट्रक बुक करा रहे हैं और कोई पहले ही एडवांस पैसे मांग रहा है तो थोड़ा सावधान हो जाइए। दिल्ली पुलिस ने ट्रक बुकिंग के नाम पर लोगों से ठगी करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों खुद को ट्रांसपोर्ट कंपनी का कर्मचारी बताते थे और ट्रक उपलब्ध कराने का भरोसा देते थे। पैसे लेने के बाद न ट्रक पहुंचता था और न ही रकम वापस की जाती थी।
पुलिस के मुताबिक पकड़े गए युवकों की पहचान अमन (19) और नरेंद्र कुमार के रूप में हुई है। अमन गाजियाबाद में डिलीवरी बॉय का काम करता है, जबकि नरेंद्र कुमार कपासहेड़ा में डिलीवरी का काम करता है। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि दोनों ने कितने लोगों से इसी तरह संपर्क किया था।
मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति को ट्रक की जरूरत थी। उसने ऑनलाइन ट्रक बुक कराने के लिए संपर्क किया। सामने वाले ने खुद को ट्रांसपोर्ट कंपनी का कर्मचारी बताया और ट्रक उपलब्ध कराने की बात कही। इसके बाद ट्रक बुक करने के नाम पर उससे पहले ही पैसे ले लिए गए।
पैसे देने के बाद शिकायतकर्ता ट्रक का इंतजार करता रहा, लेकिन तय समय पर गाड़ी नहीं पहुंची। उसने जब दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो बात नहीं बनी। पैसे भी वापस नहीं मिले। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत कर दी।
दक्षिण जिले के साइबर थाने में 5 सितंबर को इस मामले में ई-एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने शिकायत में दिए गए मोबाइल नंबरों और बातचीत से मिली जानकारी के आधार पर जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस उन दोनों युवकों तक पहुंच गई, जो ट्रक बुकिंग के नाम पर लोगों से बात कर रहे थे।
पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने ट्रांसपोर्ट कंपनी का नाम और उसकी पहचान कैसे इस्तेमाल की। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि कहीं इस मामले में और लोग तो शामिल नहीं हैं और क्या इसी तरीके से दूसरे लोगों से भी पैसे लिए गए हैं।
पुलिस की इस कार्रवाई के बाद लोगों के लिए भी जरूरी है कि ऑनलाइन ट्रक बुक करते समय जल्दबाजी में पैसे न दें। किसी कंपनी के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान और कंपनी की जानकारी पहले जांच लें। कंपनी का सही पता और संपर्क नंबर भी देख लें। पूरी तरह भरोसा होने के बाद ही कोई भुगतान करना सुरक्षित रहेगा।
फिलहाल पुलिस दोनों युवकों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में ठगी का दायरा कितना बड़ा है।