नई दिल्ली

अब दुश्मनों के छक्के छुड़ाएगी दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा, श्रेजल ने परिवार की विरासत बढ़ाकर रचा इतिहास

Flying Officer Shrejal Guleria: दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा श्रेजल ने मेहनत और हौसले से इतिहास रचा और अपने सपनों को साकार किया। उनकी कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा है कि मेहनत, आत्मविश्वास और हौसले से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

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Flying Officer Shrejal Guleria:दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा श्रेजल ने साबित कर दिया कि मेहनत और लगन से किसी भी लक्ष्य को पाने के लिए ठान लिया जाए तो उसे आसानी से हासिल किया जा सकता है। उन्होंने केवल अपनी मेहनत से परिवार की विरासत बढ़ाई, बल्कि इतिहास रचते हुए अपने सपनों को साकार किया। यह उदाहरण हमें याद दिलाता है कि चुनौतियां चाहे कितनी भी बड़ी क्यों न हों, अगर हौसला और आत्मविश्वास साथ हो तो सफलता जरूर मिलती है। श्रेजल की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा है कि सीमाओं को खुद निर्धारित करो और अपने सपनों को हकीकत में बदलो।

आपको बता दें कि श्रेजल हिमाचल प्रदेश के मंडी की रहने वाली हैं। उनका जन्म ऐसे परिवार में हुआ था जो पहले से ही देश सेवा के लिए समर्पित है। दरअसल, श्रेजल के पिता भारतीय सेना में सूबेदार के पद पर देश की सेवा कर रहे हैं, जबकि उनके दादा फौजी से रिटायर हो चुके हैं। दादा और पिता के बाद अब श्रेजल देश की सेवा में अपना योगदान देने जा रही हैं। उनके परिवार के लोगों ने जमीन पर देश की सेवा करने की जिम्मेदारी उठाई थी, लेकिन श्रेजल अब देश के लिए आसमान में उड़ती हुई दिखाई देंगी। देशभक्ति की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने CDS में 12वीं रैंक हासिल कर फ्लाइंग ऑफिसर बनने का गौरव हासिल किया है।

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कहां हुई श्रेजल की पढ़ाई-लिखाई?

हिमाचल प्रदेश में ही श्रेजल की प्राथमिक शिक्षा हुई थी, उन्होंने 6 से 12 तक की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय से की। यहां उन्होंने हमेशा पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन किया और नेतृत्व की क्षमताएं भी दिखाई। इसके बाद वह दिल्ली यूनिवर्सिटी आकर मैथमेटिक्स में BSc (ऑनर्स) की पढ़ाई करने लगीं। परास्नातक करने के दौरान ही वह CDS की तैयारी में जुट गईं थीं। परीक्षा को क्रैक करने के लिए उन्होंने लगातार मेहनत किया और केवल सफल नहीं हुई बल्कि 12 रैंक भी हासिल किया।

वायुसेना अकादमी के लिए रवाना

परिवार में देशसेवा की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए श्रेजल 27 दिसंबर को ही वायुसेना अकादमी के लिए रवाना हो चुकी हैं। उनके लिए वायुसेना अकादमी में एक साल का कठिन प्रशिक्षण होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद वह भारतीय वायुसेना में शामिल होकर देश की सेवा करेंगी। उनकी इस उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी और उत्साह फैल गया है। गांव और आस-पास के लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं। श्रेजल की सफलता खासकर युवाओं और लड़कियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

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