2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बंदर भगाने के लिए ‘लंगूर’ की भर्ती…दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने लिया अनोखा फैसला, सैलरी से शिफ्ट तक जानें डिटेल

Rekha Gupta Government: दिल्ली सरकार विधानसभा परिसर में बंदरों की बढ़ती समस्या से निपटने के लिए लंगूर की आवाज की नकल करने वाले प्रशिक्षित कर्मियों की नियुक्ति करेगी, जिसके लिए टेंडर जारी किया गया है।

2 min read
Google source verification
Rekha Gupta Government to recruit people to drive away monkeys

Rekha Gupta Government: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार लंगूर की आवाज की नकल करने वाले लोगों को नियुक्त करने जा रही है। दरअसल, विधानसभा परिसर में आए दिन बंदरों का आतंक देखने को मिल रहा है। बताया जा रहा है कि परिसर में दर्जनों बंदर घुसकर तार, डिस और एंटीना पर कूदते हैं और उन्हें तोड़ देते हैं। इन्हीं समस्याओं से निपटने के लिए एक्सपर्ट कर्मियों की तैनाती के लिए टेंडर जारी किया है।

HT रिपोर्ट के अनुसार, सरकार की तरफ़ से यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि बंदरों से विधायक, कर्मचारी या किसी भी अन्य व्यक्ति की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि विधानसभा परिसर के आसपास दर्जनों बंदर मौजूद हैं जो परेशानी पैदा कर रहे हैं। बंदर अक्सर तारों और डिश एंटीना पर कूदकर उन्हें नुकसान पहुंचा देते हैं। इसी परेशानी को देखते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने ऐसे एक्सपर्ट लोगों को भर्ती करने के लिए योजना बनाई है। यह तरीका बंदरों को बिना चोट पहुंचाए डराने और भगाने का आसान व सुरक्षित उपाय माना जाता है। जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ एक असली लंगूर भी साथ लाएंगे, ताकि बंदर दूर रहें।

8 घंटे की शिफ्ट में काम करेंगे कर्मचारी

हिंदुस्तान टाइम के अनुसार, इस नई योजना को लेकर एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि वर्किंग डे और शनिवार को प्रशिक्षित कर्मियों को बंदरों को भगाने के लिए रखा जाएगा, जो दो शिफ्ट में आठ घंटे की ड्यूटी करेंगे। इस योजना के तहत एजेंसी को यह देखना होगा कि काम के दौरान सभी उपकरण ठीक तरह से इस्तेमाल हों, अनुशासन बना रहे और सुरक्षा नियमों का पालन किया जाए। तैनात कर्मचारियों के काम की निगरानी की जाएगी और उनके लिए बीमा की सुविधा भी होगी, ताकि वे सुरक्षित रहकर काम कर सकें। यह कदम इसलिए जरूरी माना गया है क्योंकि साल 2017 में एक बंदर विधानसभा में घुस गया था और वहां चल रही कार्यवाही में बाधा आ गई थी। नई योजना का मकसद बंदरों को बिना नुकसान पहुंचाए डराकर दूर रखना और परिसर में मौजूद कर्मचारियों, विधायकों और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

17.5 लाख की लागत से टेंडर जारी

बता दें कि दिल्ली विधानसभा परिसर से बंदरों को भगाने के लिए लगभग 17.5 लाख रुपये की अनुमानित लागत से एक टेंडर जारी किया गया है। कितने कर्मचारियों की नियुक्ति होगी और उनको कितनी सैलरी दी जाएगी इसके बारें में कोई विस्तृत जानकारी नहीं है। हालांकि इतना साफ कर दिया है कि तैनात किए गए कर्मियों की बकायदा 8 घंटे की शिफ्ट होगी, जिसमें वह काम करेंगे।

लंगूर से डरते हैं बंदर

आपको बता दें कि दिल्ली विधानसभ में बंदरों के भगाने के लिए इसलिए इसलिए नई पहल की जा रही है क्योंकि बंदर प्राकृतिक रूप से लंगूर से डरते हैं। इसी कारण कुछ जगहों पर बंदरों को नियंत्रित करने या उन्हें किसी इलाके से दूर रखने के लिए लंगूर की आवाज़ या उसकी नकल का इस्तेमाल किया जाता है। यह तरीका मानवीय और सुरक्षित माना जाता है, क्योंकि इसमें बंदरों को चोट नहीं पहुंचती, बस उन्हें डराकर दूर किया जाता है।


बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग