उत्तरी भारत के राज्यों में हो रही तेज बारिश की वजह से दिल्ली में यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। वह खतरे के निशान से ऊपर बढ़ रही है। वहीं, बुराड़ी में यमुना किनारे श्मशान घाट के पास 15 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे, जिसके बाद आपदा प्रबंधन विभाग ने इन लोगों को बचाया।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में कभी सुखे जैसे हालात झेल रही यमुना कुछ दिनों से उफान पर है। इसकी वजह उत्तरी भारत के राज्यों में हो रही तेज बारिश है। तेज बारिश के कारण दिल्ली में यमुना का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है। यमुना के तटवर्ती इलाकों समेत दिल्ली के कई इलाकों में जलभराव की आशंका जताई जा रही है। वहीं, यमुना में बाढ़ के चलते बुराड़ी इलाके में एक बड़ी घटना होत-होते टल गई।
बुराड़ी में लटना बढ़ा हादसा
बता दें कि बुराड़ी में यमुना किनारे श्मशान घाट के पास 15 लोग बाढ़ के पानी में फंस गए थे। दरअसल, यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन की तरफ से चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन इन लोगों ने इस चेतावनी की अंदेखी करते हुए, वहां से झोपड़ियां नहीं उठाई थी। तेजी से बढ़ रहे यमुना के जलस्तर कारण उसका पानी उनकी झोपड़ियों तक आ गया और वहां मौजूद लोग फंस गए।
सुरक्षित निकाले गए लोग
बाढ़ में फंसा देख आसपास के लोगों ने तुरंत ही सहायता के लिए आपदा प्रबंधन विभाग को 1077 पर कॉल किया। मदद के लिए पहुंची एनडीएमए की टीम ने वक्त रहते फंसे हुए लोगों को वहा से सुरक्षित निकाला। बता दें कि इन लोगों में 7 महिलाएं, 6 बच्चे और 2 पुरुष शामिल थे।
खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है यमुना का पानी
पूर्वी और शाहदरा जिलों के डीएम ने बताया कि 15 लोग यमुना के पानी में फंस गए थे। यमुना का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है , जिसकी वजह से वे लोग वहां से नहीं निकल पा रहे थे। डीएम ने बताया कि यमुना में आई बाढ़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से कई बार अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन इन लोगों ने अर्लट को गंभीरता से नहीं लिया। जब यमुना का जलस्तर स्तर तेजी से बढ़ने लगा तब उन लोगों ने वहां से निकलने का फैसला किया और मदद मांगी। लोगों को फंसा देख अभियान चलाकर उन्हें बाहर निकाला गया।