
Jantar Mantar stone pelting Dharmendra Pradhan resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की घोषणा के बाद शनिवार को राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर अचानक हालात तनावपूर्ण हो गए और भारी पथराव की घटना सामने आई। उग्र भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा बलों और दिल्ली पुलिस को मोर्चा संभालते हुए लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े।
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के कुछ ही देर बाद प्रदर्शनकारियों का एक गुट अचानक हिंसक हो गया और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाते हुए पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस अचानक हुए हमले में दो पुलिसकर्मियों के सिर में गंभीर चोटें आईं, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ने स्थिति बिगड़ते देख हल्का लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर-बितर किया। फिलहाल मौके पर हालात नियंत्रण में हैं और पूरे इलाके में एहतियातन भारी सुरक्षा बल तैनात कर दिया गया है।
जंतर-मंतर पर हुए बवाल के बीच सुरक्षा कारणों से बंद किए गए दिल्ली मेट्रो के राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेटों को डीएमआरसी (DMRC) ने दोबारा खोल दिया है। इन स्टेशनों पर इंटरचेंज की सुविधा भी बहाल कर दी गई है। हालांकि, सेंट्रल दिल्ली में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम बनाए रखने के लिए लोक कल्याण मार्ग, पटेल चौक, जनपथ, आईटीओ (ITO), खान मार्केट, बाराखंभा रोड और नई दिल्ली समेत करीब 15 अन्य मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदियां अभी भी लागू हैं।
फिलहाल धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपना आंदोलन समाप्त करने का ऐलान कर दिया है। संगठन की ओर से कहा गया कि उनकी प्रमुख मांगें पूरी हो चुकी हैं, इसलिए जंतर-मंतर पर चल रहा धरना तत्काल प्रभाव से खत्म किया जा रहा है। CJP ने आंदोलन में शामिल सभी छात्रों, युवाओं और समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि यह जीत शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक संघर्ष का परिणाम है। साथ ही संगठन ने स्पष्ट किया कि भविष्य में शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के हितों से जुड़े मुद्दों पर वह अपनी आवाज उठाता रहेगा।