25 जुलाई 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सोनम वांगचुक ने Gen Z सराहना की, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा- यह लोकतंत्र की जीत है

Sonam Wangchuk on Dharmendra Pradhan resignation: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक ने लोकतंत्र, जनशक्ति और Gen Z की बड़ी जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह शांति और धैर्य का परिणाम है।
2 min read
Google source verification
Sonam Wangchuk on Dharmendra Pradhan resignation

सोनम वांगचुक ने Gen Z सराहना की

Sonam Wangchuk CJP NEET protest reaction: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर के बाद जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने इसे देश के युवाओं और लोकतंत्र की बड़ी जीत करार दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए वांगचुक ने लिखा है कि 'यह लोकतंत्र की जीत है। सीधे सड़कों से निकला प्रत्यक्ष लोकतंत्र! यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। सीजेपी (CJP) और देश की Gen Z को बधाई! देश के हर कोने से डर और 'डर के डर' को त्यागकर एक साथ आवाज उठाने के लिए सभी नागरिकों का धन्यवाद।'

नीट (NEET) परीक्षा धांधली को लेकर लंबे समय से चल रहे आंदोलन में वांगचुक का यह संदेश प्रदर्शनकारी छात्रों और देश भर के युवाओं का मनोबल बढ़ाने वाला माना जा रहा है।

जंतर-मंतर पर खुशी की लहर

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आते ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों में खुशी की लहर दौड़ गई। आंदोलन में शामिल छात्रों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर और नारे लगाकर अपनी खुशी जाहिर की। प्रदर्शन स्थल पर 'छात्र एकता जिंदाबाद' और "NEET अभ्यर्थियों की जीत" जैसे नारे गूंजने लगे। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि यह उनकी लंबी लड़ाई और शांतिपूर्ण आंदोलन की बड़ी जीत है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी मांग सिर्फ इस्तीफे तक सीमित नहीं है, बल्कि वे NEET परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी चाहते हैं।

गौरतलब है कि देशभर में नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है। जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हजारों छात्र शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। शुरुआत में सरकार की ओर से धर्मेंद्र प्रधान के समर्थन के संकेत दिए गए थे, लेकिन लगातार बढ़ते विरोध और छात्रों के दबाव के बीच उन्होंने पद छोड़ने का फैसला किया। इस घटनाक्रम को NEET आंदोलन से जुड़े छात्रों और युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता के तौर पर देखा जा रहा है।

बड़ी खबरें

View All

नई दिल्ली

दिल्ली न्यूज़

ट्रेंडिंग

CJP Protest