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‘मांगें मान ली गई हैं, अब आंदोलन वापस लें छात्र’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी का बयान

Manoj Tiwari statement Dharmendra Pradhan resignation: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि पीएम मोदी ने छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाई है और मांगें पूरी होने के बाद अब आंदोलन समाप्त होना चाहिए।
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BJP MP Manoj Tiwari NEET protest reaction

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर भाजपा सांसद मनोज तिवारी का बयान, फोटो सोर्स- IANS

BJP MP Manoj Tiwari NEET protest reaction: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद मनोज तिवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और संवेदनशीलता की सराहना की है। मनोज तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने स्वयं देश के छात्रों के प्रति अभूतपूर्व संवेदनशीलता, जिम्मेदारी और जवाबदेही दिखाई है।

मनोज तिवारी ने जोर देकर कहा कि पीएम मोदी छात्रों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं और उनके भविष्य के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। प्रदर्शनकारियों से आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा लिया गया हर फैसला स्वागत योग्य है। जब छात्रों की मांगें स्वीकार कर ली गई हैं, तो अब आंदोलन वापस ले लिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का हर शब्द दृढ़ और महत्वपूर्ण है, और छात्रों को उनके द्वारा उठाए जा रहे कदमों का सम्मान करना चाहिए।'

इस्तीफे पर प्रियंका गांधी का बयान

वहीं, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने छात्रों के आंदोलन का हरसंभव और मजबूती से समर्थन किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पिछले दो-तीन वर्षों से लगातार पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में सुधार का मुद्दा उठाते रहे हैं। प्रियंका ने राहुल गांधी की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने न केवल इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, बल्कि कांग्रेस, एनएसयूआई और यूथ कांग्रेस को भी छात्रों के अधिकारों और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए देशव्यापी आंदोलन खड़ा करने की प्रेरणा दी।

उन्होंने कहा कि यह केवल शुरुआत है और इस खबर को सुनकर वह भावुक हो गईं। प्रियंका गांधी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों से उनके मन में यह सवाल उठता रहा कि आखिर देश का युवा कब जागेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में आरएसएस की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है और विरोध की आवाज उठाने वाले युवाओं पर दबाव बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि आज उन्हें सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि देश के युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की है और अब कोई भी उनकी आवाज को दबाने की हिम्मत नहीं करेगा।