नई दिल्ली

ECI विवाद पर BJP-कांग्रेस में फिर तकरार, केसी वेणुगोपाल बोले- ‘राहुल गांधी ने झूठ नहीं कहा’

Kc Venugopal Statement: ECI विवाद को लेकर BJP और कांग्रेस में फिर बयानबाजी तेज है। केसी वेणुगोपाल ने जेपी नड्डा के बयान पर जवाब देते हुए राहुल गांधी के आरोपों का बचाव किया।
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Election Commission
ECI विवाद पर कांग्रेस नेता केसी वेणुगोपाल ने जेपी नड्डा के बयान पर जवाब दिया। (फाइल फोटो-ANI)

Election Commission News: चुनाव आयोग यानी ECI को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच विवाद एक बार फिर बढ़ गया है। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के बयान पर कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने राहुल गांधी का बचाव किया है। वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी ने झूठ नहीं बोला। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर जो सवाल उठाए थे, वे सही थे।

वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल गांधी की बात सिर्फ कांग्रेस नेता नहीं कह रहे हैं। उनका दावा है कि चुनाव आयोग के दो आयुक्तों ने भी कुछ फैसलों पर लिखित सवाल उठाए थे। वेणुगोपाल का इशारा चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर था।

दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों से बढ़ा मामला

दरअसल, एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि संधू और जोशी ने करीब 10 महीनों के दौरान चुनाव आयोग के कुछ फैसलों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति जताई थी। इनमें मतदाता सूची में बदलाव, नए मतदाताओं के नाम जोड़ने और SIR से जुड़े मामले शामिल बताए गए थे। SIR के जरिए मतदाता सूची की दोबारा जांच की जाती है। रिपोर्ट सामने आने के बाद राहुल गांधी और विपक्ष के दूसरे नेताओं ने चुनाव आयोग के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी कई आरोप लगाए थे।

नड्डा के बयान पर वेणुगोपाल का जवाब

इसी मुद्दे पर जेपी नड्डा ने राहुल गांधी के आरोपों पर सवाल उठाए। इसके बाद वेणुगोपाल ने जवाब देते हुए कहा कि राहुल गांधी ने जो कहा था, उसे अब चुनाव आयोग के अंदर सामने आई आपत्तियों के साथ जोड़कर देखा जाना चाहिए। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि जेपी नड्डा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े सवालों पर साफ जवाब मिलना चाहिए।

चुनाव आयोग ने क्या कहा?

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने इन आपत्तियों को किसी बड़े अंदरूनी विवाद के तौर पर देखने से इनकार किया है। आयोग का कहना है कि किसी मुद्दे पर अलग सुझाव या सवाल सामने आना सामान्य बात है। आयोग के मुताबिक, SIR समेत अहम फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सहमति से लिए गए।

क्या है SIR?

SIR यानी Special Intensive Revision का मतलब मतदाता सूची की खास तरीके से दोबारा जांच करना है। इसके जरिए यह देखा जाता है कि मतदाता सूची में सही नाम हैं या नहीं और कहीं गलत या अपात्र नाम तो शामिल नहीं हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों ने SIR के अलावा Form 6 और मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर भी सवाल उठाए थे।

BJP और कांग्रेस की बात अलग-अलग

कांग्रेस इन आपत्तियों को राहुल गांधी के सवालों से जोड़ रही है। वहीं, BJP और चुनाव आयोग का कहना है कि इन आपत्तियों को बड़े मतभेद के तौर पर पेश करना सही नहीं है। फिलहाल इस पूरे मामले में कांग्रेस का आरोप, BJP का जवाब और चुनाव आयोग की सफाई सामने है। इसलिए इस विवाद से जुड़ी बातों को संबंधित पक्षों के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

Updated on:
28 Sept 2026 02:12 pm
Published on:
28 Sept 2026 02:09 pm