
AAP Leader News: जनकपूरी में एक बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले को मुद्दा बनाने के कारण आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज खुद ही पुलिस की कार्रवाई में आ गए हैं। पीड़िता की पहचान को सोशल मीडिया और फेसबुक अकाउंट पर शेयर करने के कारण आप के पूर्व विधायक सौरभ भारद्वाज के खिलाफ जनकपुरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इस पोस्ट में कुछ ऐसे स्क्रीनशॉट और जानकारियां थीं, जिससे उस नाबालिग पीड़िता की पहचान आसानी से की जा सकती थी। कानूनन किसी भी नाबालिग पीड़िता का नाम या पहचान सामने लाना एक गंभीर अपराध है। जिसके चलते पुलिस ने मामला बीएनएस, किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
यह मामला एक वकील अधिवक्ता प्रवीण नारायण की शिकायत के बाद सामने आया है। शिकायत के मुताबिक, 11 मई 2026 को सौरभ भारद्वाज ने अपने सोशल मीडिया और फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर की थी। इस पोस्ट में कुछ ऐसे स्क्रीनशॉट और जानकारियां थीं, जिससे उस नाबालिग पीड़िता की पहचान आसानी से की जा सकती थी।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इस प्रकार की कोई भी जानकारी को सार्वजनिक करना कानून का उल्लंघन करने के साथ ही इससे बच्चे और उसके परिवार की निजता और मानसिक सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। शिकायत में कहा गया है कि नाबालिग पीड़िता की पहचान को गोपनीय रखना कानूनन जरूरी है और ऐसा न करना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है।
वकील की शिकायत और सबूतों की जांच करने के बाद, दिल्ली की जनकपुरी थाना पुलिस ने 24 मई को पूर्व विधायक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने यह कार्रवाई पॉक्सो एक्ट किशोर न्याय अधिनियम और बीएनएस की धाराओं के तहत की है। फिलहाल पुलिस उनके सोशल मीडिया अकाउंट्स और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया पोस्ट, संबंधित अकाउंट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।