नई दिल्ली

मॉस्को जा रहे पांच यात्रियों का प्लान फेल, दिल्ली एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन स्टाफ ने खोली पोल

Indira Gandhi International Airport: दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पांच लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ये यात्री फर्जी दस्तावेजों के सहारे मॉस्को की यात्रा करने जा रहे थे। पकड़े गए यात्रियों में से चार लोग नेपाल के रहने वाले हैं।

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सांकेतिक तस्वीर

Indira Gandhi International Airport: दिल्ली स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पुलिस ने एक फर्जीवाड़ा गैंग का खुलासा किया है। पकड़े गए आरोपियों के पास फर्जी दस्तावेज मिले हैं। इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे आरोपी मॉस्को जाना चाहते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में एक एजेंट है। बाकी चार नेपाल के रहने वाले यात्री बताए जा रहे हैं। एजेंट ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर चार नेपाली नागरिकों को विदेश में नौकरी के बेहतर मौके‌ दिलाने और यात्रा में मदद करने का आश्वासन दिया ‌था।

नेपाल के चार आरोपियों पर फर्जीवाड़े का आरोप

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, ये सभी आरोपी फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के सहारे ताशकंद के रास्ते मॉस्को जाने वाले थे। डिप्टी पुलिस कमिश्नर (IGI) ऊषा रंगनानी ने बताया कि 30 दिसंबर को इमिग्रेशन स्टाफ की जांच के दौरान फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आरोपियों के पास मिले दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि उनके पास नेपाल दूतावास के फर्जी अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) थे। यह सभी एनओसी 16 नवंबर 2024 से प्रभावी थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 27 साल के राजमणि चौधरी, 43 साल के जयसिंह महतो, 28 साल के अनिल महतो और 28 साल की प्रतिज्ञा के रूप में हुई है।

इमिग्रेशन स्टाफ ने दस्तावेजों की जांच में पकड़ा फर्जीवाड़ा

डिप्टी पुलिस कमिश्नर (IGI) ऊषा रंगनानी ने बताया कि इमिग्रेशन स्टाफ को शक होने पर इसकी जांच शुरू की गई। इस दौरान नेपाल दूतावास की जांच में पुष्टि हुई कि ट्रैवल एनओसी प्रमाण पत्र फर्जी हैं। इसके बाद आरोपियों के खिलाफ फर्जीवाड़ा कर धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया गया। इसमें इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इमिग्रेशन विभाग ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी एनओसी का उपयोग कर डिपार्चर क्लीयरेंस प्राप्त करने में धोखा किया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि एजेंट रोहित चौधरी ने उनकी मदद की।

नौ-नौ लाख रुपये में यात्रा और नौकरी की व्यवस्‍था

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि उनके कुछ दोस्त और रिश्तेदार बेहतर आजीविका के लिए विदेश यात्रा करते हैं। एजेंट रोहित ने उन्हें भी बेहतर आजीविका का हवाला देकर विदेश भेजने की बात कही थी। आरोपियों ने बताया कि वह अपने एक दोस्त के जरिए एजेंट रोहित चौधरी के संपर्क में आए। इसके बाद रोहित ने नौ-नौ लाख रुपये में उनकी रूस की यात्रा और नौकरी की बेहतर व्यवस्था करने का वादा किया था।

दिनेश की मदद से रोहित ने जुटाया वर्क वीजा

डिप्टी पुलिस कमिश्नर (IGI) उषा रंगनानी ने बताया "पुलिस की जांच में सामने आया है कि एजेंट रोहित ने अपने सहयोगी दिनेश के साथ मिलकर रूस के लिए टिकट और वर्क वीजा की व्यवस्था की। इसके बाद 30 दिसंबर को दिनेश ने आईजीआई एयरपोर्ट पर चारों नेपाली नागरिकों से मुलाकात की। यहां उन्हें टिकट और फर्जी एनओसी सौंपी। इसके बाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन स्टाफ ने दस्तावेजों की जांच के दौरान फर्जीवाड़े को पकड़ लिया। सभी आरोपी पुलिस की कस्टडी में हैं।

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