
Army Chief News: भारतीय सेना में आज से एक नए युग की शुरुआत हो गई है। जनरल उपेंद्र द्विवेदी की जगह अब जनरल धीरज कुमार सेठ देश के नए आर्मी चीफ बन गए हैं। मंगलवार को उन्होंने आधिकारिक तौर पर यह जिम्मेदारी संभाल ली। जनरल द्विवेदी सेना में शानदार 40 साल देश की सेवा करने के बाद रिटायर हुए हैं।
इस बदलाव में दिलचस्प और नया एंगल यह है कि करीब 30 साल बाद देश को एक ऐसा आर्मी चीफ मिला है, जो आर्मर्ड कोर (टैंक रेजिमेंट) से आता है। इससे पहले जनरल शंकर रॉय चौधरी ऐसे आखिरी अफसर थे। यानी अब भारतीय सेना की कमान एक ऐसे जांबाज के हाथ में है जिसे टैंकों की लड़ाई और दुश्मनों के परखच्चे उड़ाने में महारत हासिल है।
जनरल धीरज सेठ का नाम सेना में सम्मान से लिया जाता है। उनके पास रेगिस्तान से लेकर पहाड़ों तक पर जंग लड़ने का गजब का अनुभव है।
पढ़ाई में अव्वल: उन्होंने एनडीए खड़कवासला और आइएमए देहरादून से ट्रेनिंग ली। सिर्फ भारत ही नहीं, उन्होंने पेरिस के मिलिट्री कॉलेज और कैलिफोर्निया (अमरीका) से भी सेना की खास ट्रेनिंग ली है।
'सुदर्शन चक्र' की कमान: सेना में जब वे लेफ्टिनेंट जनरल थे, तब उन्होंने बेहद ताकतवर 'सुदर्शन चक्र कोर' की कमान संभाली थी। इसके अलावा वे देश की दो सबसे खास ऑपरेशनल कमांड (साउथ वेस्टर्न और सदर्न कमांड) को संभालने वाले नायाब अफसरों में से एक हैं।
राष्ट्रपति ने किया सम्मानित: उनके इसी पराक्रम को देखते हुए सोमवार (29 जून) को ही राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उन्हें 'उत्तम युद्ध सेवा मेडल' से नवाजा है।
बदलाव के दौर में कमान: जनरल धीरज सेठ को सेना की कमान ऐसे समय पर मिली है जब भारतीय सेना का तेजी से 'मॉडरनाइजेशन' हो रहा है। सेना को अब हाई-टेक बनाया जा रहा है ताकि भविष्य में किसी भी तरह के युद्ध के लिए भारत हमेशा 100% तैयार रहे।
आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने रिटायर होते हुए भावुक विदाई भाषण में देश को भरोसा देते हुए कहा कि आज मैं सेना की जिम्मेदारी जनरल धीरज सेठ को सौंप रहा हूं। वे एक बेहद अनुभवी सैनिक और काबिल लीडर हैं। मुझे पूरा भरोसा है कि उनकी लीडरशिप में हमारी सेना कामयाबी की नई ऊंचाइयों को छुएगी और हर चुनौती का मुंहतोड़ जवाब देगी।