
Ghaziabad suicide case: गाजियाबाद में तीन नाबालिग लड़कियों के आत्महत्या का मामला अभी भी रहस्य बना हुआ है। पुलिस लगातार छानबीन कर रही है और हर दिन एक नया खुलासा कर रही है। जांच के दौरान पुलिस ने वह फोन बरामद कर लिया जिससे लड़कियां कोरियन गेम खेलती थीं। बताया जा रहा है कि पिता चेतन ने आर्थिक तंगी की वजह से घटना से 10 दिन पहले ही बेच दिया था। फिलहाल पुलिस ने फोन को फॉरेंसिक जांच करने के लिए भेज दिया है।
इस मामले में खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि 11, 14, और 16 साल की तीनों बहनें फोन में कोरियाई फिल्म, गेम और वहां की संस्कृति देखती रहती थीं। पूरा परिवार आर्थिक तंगी से इतना जूझ रहा था कि इन बच्चियों की पढ़ाई-लिखाई तक बंद करा दी गई थी। लड़कियां रोजाना बीस घंटे फोन पर लगी रहती थीं और गेम खेलती थीं। बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी से परेशान होकर पिता ने लड़कियों से दो फोन छीने और शालीमार गार्डन के एक मोबाइल शॉप मालिक को बेच दिया। घटना के बाद पुलिस ने मोबाइल को ट्रेस करते हुए बरामद कर लिया।
पुलिस ने दुकानदार से फोन बरामद तो कर लिया लेकिन उसमें कुछ नहीं मिला क्योंकि उसे रीसेट कर दिया गया था। फिर पुलिस ने उसे रिकवरी करने के लिए फॉरेंसिक टीम को भेज दिया। वहीं, पुलिस एक अन्य फोन की भी तलाश कर रही है, जिसको चेतन ने 5 महीने पहले बेच दिया था। फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
गाजियाबाद की तीनों लड़कियों ने 3 फरवरी की रात आत्महत्या की थी। पुलिस जांच के मुताबिक, देर रात तीनों बहनें घर के एक कमरे में गईं और वहां से 9वीं मंजिल से कूदकर अपनी जान दे दी। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य घर में ही मौजूद थे, लेकिन किसी को इसकी भनक नहीं लग पाई। शुरुआती जांच में इसे सामूहिक आत्महत्या माना गया है, हालांकि पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।