Ghaziabad video call racket: गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक में पुलिस ने ऑनलाइन अश्लील वीडियो कॉल रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो फ्लैटों में छापे के दौरान एक युवक और सात लड़कियों को गिरफ्तार किया है।
Ghaziabad video call racket:दिल्ली-एनसीआर के गाजियाबाद में एक बार फिर ऑनलाइन अपराध का गंभीर मामला सामने आया है। गाजियाबाद के क्रॉसिंग रिपब्लिक इलाके में पुलिस ने ऑनलाइन अश्लील वीडियो कॉल करने वाले एक गिरोह को पकड़ा है। जानकारी के अनुसार सेवियर स्ट्रीट मार्केट के दो फ्लैटों में यह धंधा काफी समय से चल रहा था। पुलिस ने अचानक उन फ्लैट्स पर छापा मारकर आरोपियों को मौके पर पकड़ा। जांच में पता चला कि ये लोग “स्ट्रिप चैट” नाम की विदेशी वेबसाइट पर न्यूड वीडियो कॉल करते थे और इसी के जरिए गलत तरीके से पैसे कमाते थे।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, उन्हें इस गिरोह के बारे में गोपनीय सूचना मिली थी, जिसकी पुष्टि करने के बाद पुलिस ने प्लानिंग करके फ्लैट नंबर 612 में छापा मारा। पुलिस जब फ्लैट नंबर 612 में पहुंची तो वहां महिलाएं और युवतियां लैपटॉप और कंप्यूटर पर लाइव वीडियो कॉल कर रही थीं। वे कॉल के दौरान अश्लील हरकतें और अंग प्रदर्शन कर रही थीं और कॉल की दूसरी तरफ बहुत से लोग जुड़े थे।वहीं पास ही फ्लैट नंबर 601 में भी यही काम चल रहा था। पुलिस ने दोनों फ्लैटों में छापा मारकर वहां मौजूद 7 लड़कियों और एक युवक को हिरासत में ले लिया।
पुलिस ने फ्लैट में देखा कि यह गिरोह पूरी तरह आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा था। उन्होंने फ्लैट्स में वीडियो कॉल के लिए विशेष व्यवस्था की हुई थी। वहां से पुलिस को कई कंप्यूटर, लैपटॉप, यूपीएस, वाई-फाई राउटर और वेब कैमरे मिले हैं। इसके अलावा अच्छी लाइटिंग के लिए गोल लाइट और लाइट स्टैंड लगाए गए थे। साथ ही कीबोर्ड, माउस, एक्सटेंशन बोर्ड और कई तरह की कनेक्शन केबल भी बरामद की गईं। पुलिस को कुछ आपत्तिजनक इलेक्ट्रॉनिक सामान भी मिला है। इन सभी सामानों का इस्तेमाल साफ और अच्छी क्वालिटी में वीडियो कॉल के लिए किया जाता था।
पुलिस ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को गिरफ्तार कर पूछताछ की और यह जानने की कोशिश की कि इसमें और कौन-कौन शामिल है। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लोग वेबसाइट पर अपनी असली पहचान छिपाकर नकली नाम और फर्जी आईडी से काम करते थे। अलग-अलग प्रोफाइल बनाकर लोगों से बात करते और वीडियो कॉल पर अश्लील हरकतें कर पैसे कमाते थे। पुलिस को शक है कि इस गिरोह का नेटवर्क दूसरे शहरों या राज्यों से भी जुड़ा हो सकता है। एसीपी प्रियाश्री पाल ने बताया कि सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।