
Delhi Crime news: दिल्ली के जनकपुरी इलाके के एक निजी प्री-स्कूल में साढ़े तीन साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पश्चिमी रेंज के संयुक्त आयुक्त जतिन नरवाल के कड़े निर्देशों और पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद जिला पुलिस ने स्कूल की एक महिला शिक्षिका को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने आरोपी शिक्षिका को गुरुवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे पूछताछ के लिए एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया है।
इस मामले में पुलिस जांच के दौरान शिक्षिका की भूमिका संदिग्ध पाई गई है। शिकायत के अनुसार, आरोपी शिक्षिका ही उस मासूम बच्ची को स्कूल के उस बेसमेंट की तरफ लेकर गई थी, जहां उसके साथ दुष्कर्म की इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने अदालत से महिला शिक्षिका की दो दिनों की कस्टडी मांगी थी, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को पूरी तरह जोड़ा जा सके, लेकिन कोर्ट ने केवल एक दिन की रिमांड मंजूर की है।
यह दर्दनाक मामला बीती 30 अप्रैल का है, जब बच्ची की मां ने जनकपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मां का कहना था कि स्कूल में दाखिला होने के दूसरे ही दिन जब बच्ची घर लौटी, तो उसने दर्द की शिकायत की। पूछने पर बच्ची ने बताया कि स्कूल के एक 57 वर्षीय पुरुष केयरटेकर ने उसके साथ गलत काम किया है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी केयरटेकर को 1 मई को गिरफ्तार कर लिया था।
इस मामले में मुख्य आरोपी केयरटेकर को 7 मई को द्वारका कोर्ट से जमानत मिल गई थी, जिसका पीड़ित परिवार ने पुरजोर विरोध किया था। अब दिल्ली पुलिस ने आरोपी की जमानत को रद्द करवाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और वहां अपील दायर की है। पुलिस इस मामले में बेहद पुख्ता और मजबूत चार्जशीट तैयार कर रही है, ताकि किसी भी दोषी को बख्शा न जा सके।
इस गंभीर घटना पर संज्ञान लेते हुए बाल कल्याण समिति सीडब्ल्यूसी ने भी जनकपुरी पुलिस को नोटिस जारी किया है। समिति ने इस मामले में अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी है और जवाब दाखिल करने के लिए 20 मई तक का समय दिया है। दूसरी तरफ, आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज ने इस कार्रवाई पर कहा कि शिक्षिका की गिरफ्तारी न्याय की दिशा में एक कदम है, लेकिन बच्ची को इंसाफ दिलाने की यह लड़ाई अभी लंबी है।