दिल्ली में बाढ़ के खतरे का एक और कारण है हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी का छोड़ा जाना। सोमवार को हरियाणा के हथिनीकुंड से 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया जो कि आज शाम तक दिल्ली पहुंच सकता है।
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से करीब आधा मीटर ऊपर बह रही है, जिससे दिल्ली में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। दिल्ली में बाढ़ के खतरे का एक और कारण है हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी का छोड़ा जाना। सोमवार को हरियाणा के हथिनीकुंड से 6 लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़ा गया जो कि आज शाम तक दिल्ली पहुंच सकता है। छोड़ा गया पानी 4 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। अब ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यमुना का जलस्तर और अधिक बढ़ जाएगा जिससे दिल्ली में बाढ़ का खतरा और अधिक बढ़ गया है। हालांकि इन सबके बीच प्रशासन ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी है। बाढ़ की चपेट में आने वाले इलाके में रहने वाले लोगों को लगातार हटाया जा रहा है। वहीं, संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए रविवार को ही शाम 7 बजे से ट्रैफिक पुलिस ने लोहे के पुल पर दोनों ओर से यातायात को बंद कर दिया। प्रशासन की ओर से लगातार यमुना के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। इसके अलावे प्रत्येक घंटे में यमुना के जलस्तर की रिपोर्ट सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को जारी की जा रही है।
ट्रेनों की आवाजाही शुरू
आपको बता दें कि रविवार की शाम को यमुना के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए रेलवे ने लोहे के पुल को रेल यातायात के लिए बंद कर दिया था। इसके साथ ही पुल से गुजरने वाली 27 ट्रेनों को रद्द करना पड़ा था जबकि 7 ट्रेनों के मार्ग को बदला गया था। लेकिन सोमवार की दोपहर तक प्रशासन ने इन फिर सा यातायात को खोल दिया है। हालांकि रेलवे की नजर यमुना के बढ़ते जलस्तर पर बराबर बनी हुई है। उत्तरी रेलवे के सीपीआरओ निति चौधरी ने बताया कि रेलवे ने ट्रेनों की आवाजाही लोहे के पुल पर फिर शुरू कर दी है।
हथिनीकुंड से छोड़ा गया है पानी
आपको बता दें कि हरियाणा के हथिनीकुंड से 6 लाख क्युसेक पानी यमुना में छोड़ा गया है। इसके अलावे हिमाचल के पहाड़ी इलाकों से पानी बहकर यमुना के रास्ते दिल्ली की ओर बढ़ रही है। प्रशासन ने बताया कि यमुना में पानी की रफ्तार चार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ रही है। इस लिहाज से अब दिल्ली में बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। फिलहाल यमुना का जलस्तर बढ़कर 205.51 मीटर पहुंच गया है, जो खतरे के निशान से 0.68 मीटर ऊपर है। निचले इलाकों में पानी लोगों के घरों तक पहुंच गया है। पानी भर जाने से रविवार को जैतपुर इलाके की विश्वकर्मा कॉलोनी को खाली कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। यमुना के निचले इलाके में स्थित सभी झुग्गी- बस्तियों को भी खाली कराया जा रहा है। पुलिस, सिविल डिफेंस व आपदा प्रबंध प्राधिकरण की टीमें सतर्क हैं। सोमवार को दिल्ली में बाढ़ की स्थिति भयावह हो सकती है। इससे पहले उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने खुद यमुना किनारे बसे लोगों से गुजारिश करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। इसके अलावे एनडीआरएफ की टीम लगातार यमुना के तटों पर निगरानी बनाए हुए हैं, जिससे किसी आपात स्थिति से फौरन निपटा जा सके।