Dhanendra Kumar IAS: दिल्ली में गुरूवार को एसी ब्लास्ट से पूर्व IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार की मौत हो गई थी। अब इस मामले में यह बात सामने आई है कि धनेंद्र कुमार AC ब्लास्ट के समय बाथरूम में थे। जिसकी वजह से उनका दम घुटने लगा और उनकी मौत हो गई।
Dhanendra Kumar AC blast: दिल्ली के हौज खास इलाके में रहने वाले रिटायर्ड IAS अधिकारी धनेंद्र कुमार के घर में एसी ब्लास्ट होने के बाद धुंआ फैल गया। ब्लास्ट के समय धनेंद्र कुमार अपने कमरे के बाथरूम में थे। जिसकी वजह से उनका दम घुटने लगा। बाद में AIIMS ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि पूर्व IAS अधिकारी 80वें जन्मदिन मनाने के लिए अगले शनिवार को अपने दोस्तों और परिवार वालों को इनवाइट करके जिमखाना क्लब में प्री-बर्थडे पार्टी करने वाले थे। बर्थडे पार्टी में शामिल होने और पिता को साथ ले जाने के लिए बेटा लंदन से दिल्ली आया हुआ था। बेटा भी एसी धमाके में गंभीर जख्मी हुआ है और उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। जन्मदिन आने से पहले ही खुशियां मातम में बदल गई।
जानकारी के मुताबिक, एसी ब्लास्ट के समय पूर्व अधिकारी धनेंद्र कुमार अपने कमरे के बाथरूम में थे। वो बाहर निकलते तब तक पूरे घर में धुआं फैल चुका था। जिससे उनको सांस लेने में परेशानी होने लगी और दम घुटने से वो बेहोश होकर गिर गए। घटना की जानकारी पुलिस और दमकल विभाग को मिलने के बाद टीम घटनास्थल पर पंहुची लेकिन पूरे 25 मिनट की देरी से। इसके बाद टीम ने घर में फंसे लोगों को बाहर निकाला और धनेंद्र कुमार को AIIMS ट्रॉमा सेंटर पंहुचाया गया। तभी इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
पिता से मिलने और उनके जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के लिए बेटा गौरव लंदन से आया हुआ था। गौरव पिता को लंदन ले जाने वाला था। उनकी बेटी और उसके दोनों बच्चे भी सबसे मिलने के लिए इंतजार कर रहे थे। मैनेजर अभिषेक के मुताबिक, हादसे के थोड़ी देर पहले ही सब परिवार वाले डाइनिंग रूम में साथ बैठकर आगे की प्लानिंग कर रहे थे। इसके बाद सब अपने-अपने रूम में सोने चले गए। गौरव ने लंदन अपनी पत्नी को फोन किया और बात करने लगा। तभी गौरव के कमरे के एसी इनडोर यूनिट में आग लग गई।
छत फॉल सीलिंग से बनी होने की वजह से आग की लपटे तेज हो गई और फैलने लगी जिससे फर्नीचर आग में जलने लगा। गौरव तुरंत अपने पिता और व्हीलचेयर के साहारे रहने वाली मां को बचाने के लिए भागा। तभी गौरव की पत्नी ने मैनेजर अभिषेक को फोन करके आग लगने की जानकारी दी। तब तक धुएं ने रफ्तार पकड़ ली और डाइनिंग कमरे से होते हुए धनेंद्र के रूम तक पहुंच गया। धनेंद्र कुमार उस वक्त वॉशरूम में थे।
घर में काम करने वाले स्टाफ ने बताया कि हम लगातार उनकों आवाज दे रहे थे। लेकिन जैसे ही वो बाथरूम से बाहर निकले धुएं से बेहोश हो गए और वहां कुछ दिखाई भी नहीं दे रहा था। एक सिक्योरिटी गार्ड और बेटे गौरव ने भारी धुएं के बीच किसी तरह धनेंद्र कुमार को खींचकर बाहर निकाला। इसी बीच, घर के एक हेल्पर ने उनकी मां को डाइनिंग रूम से सुरक्षित बाहर निकाल लिया। धुएं और तेज गर्मी की वजह से गौरव भी बेहोश हो गए, लेकिन घर के स्टाफ ने उन्हें बचा लिया। अफसोस, धनेंद्र कुमार को नहीं बचाया जा सका। गुरुवार को इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। मौत की असली वजह जानने के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
स्टाफ के सदस्य नम आंखों से बताते हैं कि कुमार 79 की उम्र में भी लगातार 14 घंटे काम करते थे। धनेंद्र कुमार उन्हें हमेशा अपने परिवार की तरह मानते थे। मैनेजर अभिषेक ने कहा, 79 साल की उम्र में भी वह बेहद फुर्तीले और अपने काम के प्रति समर्पित थे। वह एक एडवाइजरी फर्म के चेयरमैन थे। उनके अनुशासन और काम के प्रति जज्बे को देखकर हम सब सिख लेते थे। वह सुबह 7 बजे से रात 9 बजे तक काम करते थे। इसके साथ ही वह अपनी पत्नी का बहुत ख्याल रखने वाले एक बेहद प्यारे पति थे।