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Delhi AC blast news: दिल्ली के हौज खास इलाके में रहने वाले रिटायर्ड IAS अधिकारी और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) के पहले चेयरमैन रहे धनेंद्र कुमार के घर पर अचानक गुरूवार रात सवा 11 बजे एसी ब्लास्ट हो गया। जिसके कारण कुमार का दम घुटने लगा। इसके बाद दिल्ली के AIIMS ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। वो 80 साल केे थे। अधिकारियों का कहना है कि इस घटना में उनका बेटा भी घायल हुआ है जो फिलहाल अस्पताल में भर्ती है और उसका इलाज चल रहा है।
बताया जा रहा है कि इस घटना के समय घर में परिवार के सदस्यों और घरेलू सहायकों को मिलाकर कुल पांच लोग मौजूद थे। वहीं, सूचना मिलने के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम को पहुंचने में कुल 25 मिनट लग गए। पुलिस और फायर कर्मियों ने मिलकर घर में फंसे लोगों को बाहर निकाला और आग पर काबू पाया।
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की पड़ोसी महिला ने बताया कि हादसे के बाद घटना स्थल पर अफरातफरी मच गई थी। फायर ब्रिगेड को आने में 20-25 मिनट लग गए। दमकल अधिकारियों का कहना था कि उन्हें घर की लोकेशन नहीं मिल रही थी, गली बहुत संकरी है। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। यहां कोई संकरी गली नहीं है, आसानी से फायर ब्रिगेड की गाड़ी आ सकती है। उन्होंने कहा कि पूर्व अधिकारी और उनकी पत्नी अकेले ही अपने स्टाफ के साथ यहां रहते हैं। वो इतने बड़े पद से रिटायर हुए, इसके बाद भी उनके पास मदद पहुंचने में इतना वक्त लग गया। तो किसी आम आदमी का क्या होगा।
पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आग AC के इनडोर यूनिट में ब्लास्ट के कारण लगी थी। क्राइम ब्रांच टीम घटनास्थल की गंभीरता से जांच कर रही है। इसके साथ ही पुलिस ने मौके पर मौजूद लोगों के बयान भी दर्ज किए हैं। पुलिस को अभी तक किसी गड़बड़ी या साजिश का कोई संकेत नहीं मिला है।
धनेंद्र कुमार का जन्म 1946 में हुआ था। वह 1968 बैच के आईएएस अधिकारी थे। अपने लंबे करियर में उन्होंने केंद्र सरकार और हरियाणा सरकार में कई बड़े पदों पर काम किया। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के तहत रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय और संस्कृति मंत्रालय में सचिव के तौर पर काम किया। इसके अलावा वो ग्रामीण विद्युतीकरण निगम के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर भी रहे हैं।
फरवरी 2009 में उन्हें CCI का पहला चेयरमैन बनाया गया और वो जून 2011 तक इस पद पर रहे। CCI वो सरकारी संस्था है जो देखती है कि बाजार में बड़ी कंपनियां कहीं अपना एकाधिकार तो नहीं जमा रहीं और छोटी कंपनियों के साथ गलत नहीं हो रहा। उनके कार्यकाल में भारत में प्रतिस्पर्धा कानून को लागू करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए गए।
Updated on:
29 May 2026 12:52 pm
Published on:
29 May 2026 12:39 pm
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