
Delhi Riots Ankit Sharma Case:दिल्ली दंगों के दौरान जान गंवाने वाले IB अधिकारी अंकित शर्मा का परिवार आज भी न्याय की आस में बैठा है। अंकित शर्मा के भाई अंकुर शर्मा ने एक बार फिर अपने भाई को याद करते हुए पूरे देश से समर्थन की भावुक अपील की है। अंकुर ने देश के लोगों से अपील करते हुए कहा है कि उनके भाई ने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है, और अब समय आ गया है कि पूरा देश उनके परिवार के साथ खड़ा हो ताकि अंकित को न्याय मिल सकें।
अंकुर शर्मा ने बताया कि उनका परिवार आज भी उस खौफनाक मंजर को नहीं भूल पाया है। उनका कहना है कि 'अंकित को मालूम था कि जिस इलाके में वह ड्यूटी के लिए जा रहा है, वहां उसके बचपन के दोस्त और जानकार रहते हैं। यही वजह थी कि उसे वहां जाने में जरा भी झिझक या डर नहीं हुआ। उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि जिन लोगों के साथ वह खेला-कूद, वही जानकार उसकी जान के दुश्मन बन जाएंगे। उन दंगाइयों के मन में इस कदर कट्टरता भरी थी कि उन्होंने अपने साथ रहने वाले दोस्त को सिर्फ इसलिए मौत के घाट उतार दिया क्योंकि वह हिंदू था।' अंकुर ने मांग की है कि ताहिर हुसैन और अन्य दोषियों को उनके इस क्रूर अपराध के लिए सिर्फ और सिर्फ फांसी की सजा मिलनी चाहिए, हालांकि इस सजा के बाद भी उनके परिवार का खालीपन कभी नहीं भर पाएगा।
अंकुर का कहना है कि इस भीषण हादसे के करीब दो साल बाद उन्हें दिल्ली सरकार के एक विभाग में अनुकंपा के आधार पर नौकरी मिल गई थी। लेकिन इस नौकरी से भी उनके सीने में दबा भाई को खोने का दर्द रत्ती भर भी कम नहीं हुआ। वह आज भी अपने भाई की कमी को हर पल महसूस करते हैं।
गौरतलब है कि साल 2020 के दिल्ली दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के जांबाज कर्मचारी अंकित शर्मा की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। हाल ही में अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन समेत चार अन्य आरोपियों को दोषी ठहराए जाने के बाद, अंकित के परिवार के घाव एक बार फिर हरे हो गए हैं। इस फैसले के बाद अंकित के माता-पिता और उनके भाई अंकुर शर्मा की आंखों से आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं।