Surajkund Mela accident: हरियाणा के फरीदाबाद में हुए हादसे में एक इंस्पेक्टर ने लोगों की जान बचाते हुए अपनी जान गंवा दी। झूले का हिस्सा टूटने के बाद फंसे लोगों को निकालते समय झूला उनके ऊपर गिर पड़ा, जिससे उनकी मौत हो गई।
Surajkund Mela accident:हरियाणा के फरीदाबाद जिले में शनिवार को हुए हादसे में एक इंस्पेक्टर ने अपनी जान गवां दी। दरअसल, झूला का एक हिस्सा टूटने के बाद झूले में फंसे लोगों को बचाने की कोशिश कर रहे थे, तभी झूला उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौत हो गई। मृतक इंस्पेक्टर की अगले ही महीने रिटायरमेंट होने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही दूसरों की जान बचाते हुए उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। वहीं, हरियाणा के डीजीपी का कहना है कि इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद को शहीद का दर्जा दिया जाएगा।
लोगों को बचाते हुए अपनी जान गंवाने वाले पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद के परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की गई है। जगदीश प्रसाद पहले से ही एक बहादुर पुलिसकर्मी के रूप में जाने जाते थे। साहस और वीरता के लिए उन्हें वर्ष 2019-20 में हरियाणा के राज्यपाल द्वारा सम्मानित भी किया गया था। उधर, फरीदाबाद पुलिस ने हादसे की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी का गठन कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना सूरजकुंड मेले में झूले से जुड़ा तीसरा हादसा है, जिससे आयोजकों की सुरक्षा व्यवस्थाओं और दावों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
हादसे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि फरीदाबाद में आयोजित सूरजकुंड मेले के दौरान हुई इस दर्दनाक घटना से वह अत्यंत व्यथित हैं। मुख्यमंत्री ने हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और अधिकारियों को घायलों के त्वरित व समुचित इलाज के निर्देश देने की जानकारी दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पूरी मानवीय संवेदनशीलता के साथ घायलों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने की बात कही थी।
दिल्ली से सटे फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले में शुक्रवार को बड़ा हादसा हुआ, जब मेले में लगा एक झूला अचानक संतुलन खोकर गिर पड़ा। हादसे के समय झूले पर 18 लोग सवार थे, जिसमें एक SHO की मौत हो गई और 13 लोग घायल हो गए। घटना के बाद मेला परिसर खाली करा लिया गया और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रशासन ने झूले में तकनीकी खराबी या लापरवाही की आशंका जताते हुए जांच के आदेश दिए हैं और सभी झूलों की सुरक्षा जांच कराने की बात कही है।