स्वतंत्रता दिवस के मौके पर तिरंगा फहराने के दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। जिसे लेकर झारखंड सरकार ने मुआवजे का ऐलान किया है। हेमंत सोरेन सरकार ने परीवार के एक सदस्य को नौकरी और 15 लाख रुपए देने का ऐलान किया है।
झारखंड की राजधानी रांची में स्वतंत्रता दिवस के दिन हर घर तिरंगा अभियान के दौरान एक परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई थी। घटना कांके थाना क्षेत्र के अरसंडे गांव की है। यहां एक परिवार तिरंगा लगाने के लिए अपने मकान की छत पर गए थे। इस दौरान वे लोग छत के उपर से गुजर रहे 11 हजार वोल्ट के हाईटेंशन तार की चपेट में आ गए। हादसे में दो बहनों और एक भाई की मौत हो गई। जिसके बाद अब राज्य सरकार ने इस परिवार के लिए मुआवजे का ऐलान किया है।
बताया जा रहा है कि विनीत झा नामक युवक अपनी छत पर तिरंगा लगाने गया था तभी वह हाईटेंशन तार की चपेट में आ गया। उसे बचाने के प्रयास में उसकी दो बहनें पूजा और आरती भी करंट की चपेट में आ गईं। तीनों भाई-बहनों की करंट लगने से मौत हो गई। तब रांची के एक पुलिस अधिकारी ने बताया था, "उन्होंने झंडा फहराने के लिए लौहे की छड़ का इस्तेमाल किया था। जिस दौरान वह झंडा फहराने गया था तब तेज हवा के साथ बारिश हो रही थी, इसलिए धातु की छड़ किसी तरह हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई और तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।"
इस घटना के बाद रविवार को झारखंड सरकार के पेयजल और स्वच्छता मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि वो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर परिवार से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने ये आश्वासन दिया है कि सरकार उन्हें मुआवजे के तौर पर परिवार के एक सदस्य को नौकरी और 15 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा है कि भविष्य में ऐसी घटना न हो इसके लिए संबंधित विभाग को निर्देश दे दिया है।
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