
Court Officer Abuse Case: सुप्रीम कोर्ट में एक महिला कोर्ट अधिकारी से फोन पर कथित बदसलूकी के मामले के बाद जस्टिस संजय कुमार ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने अपने कोर्ट में वकीलों के कोर्ट अधिकारियों से सीधे संपर्क करने पर रोक लगा दी है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि एक व्यक्ति के फोन पर कथित तौर पर अपशब्द कहे जाने के बाद कोर्ट में वकीलों के लिए यह निर्देश जारी किया गया।
लाइव लॉ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिला अधिकारी को फोन करने वाला व्यक्ति एक वकील का बेटा है। आरोप है कि उसने फोन पर महिला अधिकारी से अभद्र भाषा में बात की। घटना के बाद जस्टिस संजय कुमार ने अपने कोर्ट में वकीलों के कोर्ट अधिकारियों तक सीधे पहुंचने पर रोक लगाने का निर्देश दिया।
मामले में सामने आई जानकारी के मुताबिक, फोन पर हुई बातचीत के दौरान महिला कोर्ट अधिकारी के साथ कथित तौर पर बदसलूकी की गई। हालांकि, अभी यह साफ नहीं है कि फोन करने वाले व्यक्ति ने किस वजह से अधिकारी से संपर्क किया था और विवाद किस बात को लेकर हुआ। फोन करने वाले व्यक्ति की पहचान और घटना से जुड़ी दूसरी जानकारियां भी सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई हैं।
जस्टिस संजय कुमार के निर्देश के बाद उनके कोर्ट में वकीलों को कोर्ट अधिकारियों से सीधे संपर्क करने के बजाय तय प्रक्रिया का पालन करना होगा। हालांकि, रोक किन-किन परिस्थितियों में लागू होगी और इसके तहत कौन-कौन से काम आएंगे। फिलहाल यह अभी तक साफ नहीं हो पाया है।
कोर्ट अधिकारी सुनवाई से जुड़े जरूरी काम संभालते हैं। मामलों की सूची से लेकर अदालती कामकाज की दूसरी प्रक्रियाओं में भी उनकी भूमिका होती है। ऐसे में उनके साथ बातचीत के दौरान उचित व्यवहार और तय नियमों का पालन करना जरूरी है।
फिलहाल इस मामले में जस्टिस संजय कुमार के निर्देश पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस व्यवस्था के तहत वकीलों के संपर्क करने के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं या इसके उल्लंघन पर क्या कार्रवाई हो सकती है।
फिलहाल इतना साफ है कि महिला कोर्ट अधिकारी से फोन पर कथित बदसलूकी की घटना के बाद जस्टिस संजय कुमार ने अपने कोर्ट में वकीलों और कोर्ट अधिकारियों के बीच सीधे संपर्क को लेकर निर्देश दिया है। जल्द ही आदेश का पूरा ब्योरा सामने आने पर ही इसकी सीमा और व्यावहारिक असर को लेकर स्थिति साफ हो सकेगी।