
Shahdara Bar Association decision: पूर्वी दिल्ली स्थित कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में वकीलों और पुलिस प्रशासन के बीच तनाव बढ़ गया है। शाहदरा बार एसोसिएशन ने एक बड़ा और सख्त फैसला लेते हुए दिल्ली पुलिस के पुलिसकर्मियों के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में प्रवेश करने पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। बार एसोसिएशन का आरोप है कि पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और शाहदरा जिले के पुलिस अधिकारी व जवान लगातार अधिवक्ताओं के साथ बदसलूकी, दुर्व्यवहार और उत्पीड़न कर रहे हैं। बार एसोसिएशन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि वकीलों के आत्मसम्मान, स्वतंत्रता और पेशेवर अधिकारों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना बेहद जरूरी हो गया था।
बता दें कि शाहदरा बार एसोसिएशन की कार्यकारी समिति ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई, जिसमें सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया। इसके तहत अगले आदेश तक तीनों जिलों पूर्वी, उत्तर-पूर्वी और शाहदरा के किसी भी पुलिस अधिकारी या जवान के कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर में दाखिल होने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बार एसोसिएशन का दावा है कि वकीलों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कोई सुधारात्मक कदम उठाने के बजाय दोषी पुलिसकर्मियों का बचाव कर रहे हैं। दरअसल, शाहदरा बार एसोसिएशन के सचिव नरवीर डबास के मुताबिक, हाल ही में जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी के इशारे पर दो वकीलों को ट्रैफिक नियम उल्लंघन के बहाने करीब 45 मिनट तक पुलिस जिप्सी में बंधक बनाकर रखा गया। आरोप है कि कृष्णा नगर के इंस्पेक्टर और गांधी नगर के एसीपी ने उनके साथ अभद्रता की और उनके मोबाइल फोन भी छीन लिए। इसके अलावा, पूर्वी जिले के डीसीपी पर आरोप लगाया गया है कि शिकायत मिलने के बाद भी वह आरोपी पुलिसकर्मियों का ही बचाव कर रहे हैं।
शाहदरा बार एसोसिएशन ने अपने सभी सदस्य वकीलों से शांत, अनुशासित और एकजुट रहने का आग्रह किया है। साथ ही निर्देश दिया गया है कि अगर भविष्य में किसी भी अधिवक्ता के साथ पुलिस द्वारा दुर्व्यवहार या उत्पीड़न की घटना होती है, तो तुरंत लिखित साक्ष्यों के साथ कार्यकारी समिति को सूचित करें ताकि त्वरित कानूनी कार्रवाई की जा सके।