नई दिल्ली

मल्लिकार्जुन खरगे का मोदी सरकार पर प्रहार, कहा- जीडीपी का जश्न किस बात का, बेरोजगारी-महंगाई से कराह रहा आम आदमी

Mallikarjun Kharge: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने जीडीपी वृद्धि को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती आर्थिक असमानता से आम आदमी परेशान है।
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Updated: 1 Sep 2026, 4:53 PM IST
Mallikarjun Kharge pm modi
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी। फाइल फोटो- पत्रिका

Indian Economy: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने अर्थव्यवस्था को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि सरकार सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि का जश्न मना रही है, लेकिन आम आदमी बेरोजगारी, महंगाई और बढ़ती असमानता से परेशान है। उसके लिए इस सरकार में कुछ नहीं बदला है। खरगे ने मंगलवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि बदलाव की बात करने वाली मोदी सरकार को समझना चाहिए कि जनता से झूठ बोलने के अलावा भाजपा शासन में कुछ नहीं बदला है। आम जनता अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय महंगाई और बेलगाम असमानता के बोझ तले दबी हुई है।

प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में जीडीपी वृद्धि का जश्न मनाने की बात कर रहे हैं, लेकिन आम आदमी के पास ऐसी खुशी मनाने की कोई वजह नहीं है। उन्होंने कहा कि आम लोगों पर अभूतपूर्व बेरोजगारी, असहनीय महंगाई और बेलगाम असमानता का बोझ डाला गया है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को जिम्मेदार ठहराया। खरगे ने कहा कि देश में बेरोजगारी 50 साल के उच्चतम स्तर पर है और 40 प्रतिशत युवा स्नातक बेरोजगार हैं। जुलाई 2026 में 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग का हर छह में से एक युवा बेरोजगार था। उन्होंने कहा कि हर वर्ष दो करोड़ रोजगार देने का वादा अब टूट चुका है।

महंगाई 19 महीने के उच्चतम स्तर पर

उन्होंने कहा कि खुदरा महंगाई 19 महीने के उच्चतम स्तर पर है। चीनी, प्याज, टमाटर, दाल, खाद्य तेल, चावल और दूध जैसी रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं की कीमतें बढ़ी हुई हैं। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और सीएनजी भी आम लोगों के लिए महंगे होते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्गीय परिवार किसी तरह गुजारा कर रहे हैं, जबकि गरीबों ने उम्मीद छोड़ दी है। खरगे ने आरोप लगाया कि देश में आर्थिक असमानता ब्रिटिश शासन के दौर से भी बदतर स्थिति में पहुंच गई है।

1 प्रतिशत लोगों के पास संपत्ति का 40 प्रतिशत हिस्सा

उन्होंने दावा किया कि शीर्ष एक प्रतिशत लोगों के पास देश की कुल संपत्ति का 40 प्रतिशत हिस्सा है, जबकि निचले 50 प्रतिशत लोग केवल 15 प्रतिशत संपत्ति पर निर्भर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने स्वतंत्र भारत के इतिहास में गरीबों से अमीरों की ओर संपत्ति के सबसे बड़े हस्तांतरण को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से कंपनियों के 16 लाख करोड़ रुपए से अधिक के कर्ज बट्टे खाते में डाले जा चुके हैं। उन्होंने एक हालिया मामले का उल्लेख करते हुए कहा कि 22,006 करोड़ रुपए के स्वीकृत दावों के मुकाबले कर्जदाताओं को केवल 6.5 करोड़ रुपए की वसूली हुई। यानी 99.97 प्रतिशत की ‘हेयरकट’ हुई।

खरगे ने प्रधानमंत्री पर एक करीबी कारोबारी मित्र के हितों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश ने प्रधानमंत्री को अपने कारोबारी मित्र के लिए ‘व्यक्तिगत ट्रैवल एजेंट’ की तरह काम करते देखा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का भारतीयों से सोना नहीं खरीदने और विदेश यात्रा नहीं करने का बार-बार आग्रह भी जमीनी हकीकत को नहीं बदल सकता। खरगे ने कहा कि असली बात यह है कि मोदी शासन में लोगों से झूठ बोलने के अलावा कुछ भी नहीं बदला है।

Updated on:
1 Sep 2026, 4:53 PM IST
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