Kumar Vishwas: दिल्ली विधानसभा में 6 मई को कुमार विश्वास 'अपने-अपने राम' संगीतमय राम कथा प्रस्तुत करेंगे। इस कार्यक्रम के पोस्टर आम आदमी पार्टी के दफ्तरों के बाहर लगाए गए हैं, जिन पर 'आप भी आमंत्रित हैं' लिखा है। इसे राजनीति में कुमार विश्वास का अरविंद केजरीवाल पर एक बड़ा कटाक्ष माना जा रहा है।
Kumar Vishwas Ram Katha: राजधानी दिल्ली में राजनीति और अध्यात्म का एक अनोखा संगम होने जा रहा है। मशहूर कवि और प्रख्यात राम कथाकार डॉ. कुमार विश्वास आगामी 6 मई को दिल्ली विधानसभा के प्रांगण में भगवान राम के आदर्शों की गाथा सुनाएंगे। यह आयोजन न केवल सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके राजनीतिक निहितार्थों को लेकर भी दिल्ली की सियासत गरमा गई है। दरअसल, बुधवार, 6 मई को दिल्ली विधानसभा में ‘अपने-अपने राम’ शीर्षक से एक विशेष संगीतमय राम कथा का आयोजन किया जाएगा। डॉ. कुमार विश्वास इस कार्यक्रम के माध्यम से भगवान राम के जीवन, उनके संघर्षों और मानवीय मूल्यों को अपनी विशिष्ट शैली और कविता के माध्यम से प्रस्तुत करेंगे।
वहीं, इस कार्यक्रम को लेकर तैयारी जोरो-शोरो चल ही रही है। इसके साथ में सबसे ज्यादा चर्चा उन होर्डिंग्स की हो रही है जो आम आदमी पार्टी (AAP) के दफ्तरों और नेताओं के घरों के बाहर लगाए गए हैं। दरअसल, इन पर लिखा है कि ‘आप भी आमंत्रित हैं’ राजनीतिक विश्लेषक इसे कुमार विश्वास द्वारा अरविंद केजरीवाल और उनकी पार्टी पर एक सूक्ष्म कटाक्ष के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि विश्वास कभी AAP के संस्थापक सदस्यों और प्रमुख चेहरों में शामिल थे।
आपको बता दें कि इस कार्यक्रम को लेकर दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता ने बताया कि इस भव्य आयोजन के लिए कई गणमान्य हस्तियों को निमंत्रण भेजा गया है। कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री, सांसद, मंत्रिपरिषद के सदस्य और दिल्ली विधानसभा के सभी विधायकों के शामिल होने की संभावना है।
विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार, भगवान राम भारतीय संस्कृति और दर्शन के सर्वोच्च प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि राम का जीवन हमें विपरीत परिस्थितियों में भी सत्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। आयोजकों का मानना है कि संगीत और कथा का यह मेल समाज में सद्भाव बढ़ाएगा और युवाओं को अपनी जड़ों से जोड़ने का काम करेगा। यह कार्यक्रम विधानसभा जैसे विधायी केंद्र में आयोजित होकर समाज को अनुशासन, जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों का संदेश देने की एक अनूठी कोशिश मानी जा रही है।