Dwarka Brutal Robbery Case: दिल्ली के द्वारका में 2020 में एक इवेंट मैनेजर का अपहरण कर उसके दोनों अंगूठे काटने वाले 70 वर्षीय फरार आरोपी ब्रह्मदेव भगत को पुलिस ने 6 साल बाद बिहार के पूर्णिया से गिरफ्तार किया है।
Delhi Event Manager Thumbs Chopped: देश की राजधानी दिल्ली के द्वारका इलाके में करीब 6 साल पहले हुई एक रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के मुख्य आरोपी को पुलिस ने दबोच लिया है। साल 2020 में एक इवेंट मैनेजर का अपहरण कर, बंधक बनाकर बेरहमी से पीटने और चाकू से उसके दोनों अंगूठे काट देने के मामले में फरार चल रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग ब्रह्मदेव भगत को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। कोर्ट द्वारा 'भगोड़ा' घोषित किया जा चुका यह आरोपी इतने सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था, जिसे अब बिहार के पूर्णिया से गिरफ्तार किया गया है।
द्वारका के पुलिस उपायुक्त (DCP) पंकज कुमार ने सोमवार को जारी एक बयान में बताया कि यह खौफनाक वारदात 17 मार्च 2020 को हुई थी। दिल्ली के रहने वाले इवेंट मैनेजर सुरेंद्र नंदा के पास एक पार्टी की बुकिंग के सिलसिले में फोन आया था। नंदा ने पहले अपने मैनेजर कपिल चड्ढा को द्वारका में मीटिंग के लिए भेजा। लेकिन, कॉल करने वालों ने जिद की कि वे खुद सुरेंद्र नंदा से ही मिलना चाहते हैं। इसके बाद नंदा अपने ड्राइवर के साथ अपनी एसयूवी (SUV) गाड़ी से द्वारका सेक्टर-23 पहुंचे। वहां एक सीएनजी पंप के पास आरोपियों ने अपनी कार से नंदा को एस्कॉर्ट किया और उन्हें एक सुनसान मकान में ले गए, जहां ब्रह्मदेव भगत और उसके गुर्गे पहले से ही घात लगाए बैठे थे।
पुलिस के मुताबिक, जैसे ही सुरेंद्र नंदा ने उस मकान के अंदर कदम रखा, ब्रह्मदेव भगत और उसके साथियों ने उन पर लाठियों से हमला कर दिया। आरोपियों ने नंदा की गर्दन पर चाकू अड़ाकर जान से मारने की धमकी दी। उनसे सोने-हीरे की अंगूठी छीन ली और उनके पर्स से ₹27,000 नकद लूट लिए। इसके बाद, ब्रह्मदेव भगत ने एक कथित 'सब्जी भुगतान विवाद' का हवाला देते हुए नंदा को डराया-धमकाया और जबरन कुछ कानूनी दस्तावेजों पर दस्तखत करवाए, जिसमें ₹11 लाख के भुगतान का दावा किया गया था।
इतने से भी जब आरोपियों का मन नहीं भरा, तो ब्रह्मदेव भगत ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। उसने एक धारदार चाकू निकाला और सुरेंद्र नंदा के दोनों हाथों के अंगूठे जड़ से काट दिए। इस बर्बरता को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने लहूलुहान हालत में नंदा और उनके मैनेजर चड्ढा को वहां से जाने दिया। पीड़ित सुरेंद्र नंदा किसी तरह गंभीर हालत में डीडीयू (DDU) अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाई। इस घटना के अगले दिन, यानी 18 मार्च 2020 को द्वारका सेक्टर-23 थाने में रंगदारी, लूटपाट और जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज किया गया था।
वारदात के बाद से ही ब्रह्मदेव भगत दिल्ली से फरार हो गया था। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह अपनी पहचान छिपाकर रह रहा था। आखिरकार, दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने खुफिया इनपुट के आधार पर बिहार के पूर्णिया में छापेमारी कर उसे धर दबोचा। पुलिस अब इस मामले में शामिल अन्य सह-आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है।