
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने साल 2020 के हत्या के एक मामले में करीब छह साल से फरार चल रहे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान 35 वर्षीय मोहम्मद शेख शब्बीर के रूप में हुई है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम ने ऑपरेशन कवच के तहत कार्रवाई करते हुए उसे कंझावला गांव से गिरफ्तार किया। क्राइम ब्रांच के अनुसार शब्बीर जहांगीरपुरी थाना क्षेत्र में हुई सिराज अली की हत्या के मामले में वांछित था।
पुलिस ने बताया कि हत्या के बाद मामले में शामिल अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया था, लेकिन शब्बीर पुलिस की पकड़ से बाहर था। करीब छह साल तक वह अलग-अलग जगहों पर रहकर पुलिस से बचता रहा। क्राइम ब्रांच की एनआर-1 टीम लंबे समय से हत्या और डकैती जैसे गंभीर मामलों में फरार आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी दौरान कांस्टेबल अंकुश को शब्बीर के बारे में विशेष जानकारी मिली। पता चला कि वह कंझावला गांव में छिपकर रह रहा है। पुलिस टीम ने सूचना की मौके पर जांच की और तकनीकी निगरानी के जरिए भी इसकी पुष्टि की।
इसके बाद इंस्पेक्टर पंकज ठाकरन के नेतृत्व में छापेमारी के लिए टीम बनाई गई। इसमें एसआई भाग्यश्री, एएसआई अनिल, एएसआई सुमित, एएसआई अजय और कांस्टेबल अंकुश शामिल थे। टीम ने एसीपी अशोक शर्मा की निगरानी में कंझावला इलाके में कार्रवाई की और शब्बीर को पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक यह मामला 29 अप्रेल 2020 का है। जहांगीरपुरी इलाके में झुग्गी नंबर जी-636 में सिराज अली अपनी मीट की दुकान पर काम कर रहा था। इसी दौरान मीट के दाम को लेकर उसका शाह आलम नामक व्यक्ति से विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और मारपीट शुरू हो गई।
आरोप है कि शाह आलम ने अपने साथियों मोहम्मद शेख शब्बीर, सिराज, सलीम, जहूर और शकील के साथ मिलकर सिराज अली पर लोहे की रॉड और डंडों से हमला किया। हमले में सिराज अली गंभीर रूप से घायल हो गया। बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद जहांगीरपुरी थाने में 29 अप्रेल 2020 को एफआईआर नंबर 231/2020 दर्ज की गई थी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 323 और 34 के तहत मामला दर्ज किया था। जांच के दौरान अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, लेकिन शब्बीर लगातार फरार रहा।
पुलिस के अनुसार शब्बीर मूल रूप से जहांगीरपुरी का रहने वाला है। उसने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है और कंझावला इलाके में कबाड़ का काम करता था। उसके खिलाफ मंगोलपुरी और केएन काटजू मार्ग थाने में भी विभिन्न धाराओं के तहत दो मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों के मुताबिक, ऑपरेशन कवच के तहत लंबे समय से फरार और गंभीर अपराधों में वांछित आरोपियों की तलाश तेज की गई है। इसी अभियान के दौरान मिली सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर शब्बीर तक पहुंचने में सफलता मिली।