नई दिल्ली

NEET 2026 केस में नया ट्विस्ट: पेपर लीक हुआ ही नहीं, NTA चीफ ने बताया परीक्षा रद्द होने की असली वजह

NEET UG 2026: NTA चीफ अभिषेक सिंह ने संसदीय समिति के सामने दावा किया है कि पेपर 'सिस्टम से लीक' नहीं हुआ था। हालांकि, CBI जांच और गिरफ्तारियों के बीच इस बयान ने सरकार और एजेंसी की थ्योरी में बड़ा विरोधाभास खड़ा कर दिया है।
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NEET UG 2026 Paper Leak
NTA चीफ ने बताया परीक्षा रद्द होने की असली वजह

NEET UG 2026 Paper Leak :नीट-यूजी 2026 (NEET-UG 2026) परीक्षा को लेकर जारी राष्ट्रव्यापी विवाद में एक नया और हैरान करने वाला मोड़ आ गया है। राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह ने 21 मई को एक संसदीय पैनल के सामने पेश होकर दावा किया है कि नीट परीक्षा का पेपर 'सिस्टम के माध्यम से लीक नहीं हुआ था।' दरअसल, कागजी तौर पर NTA चीफ का यह बयान एजेंसी के बचाव में एक मजबूत दलील लग सकता है, लेकिन जमीनी हकीकत और सरकार के अब तक के कदमों को देखते हुए इस बयान ने कई गंभीर विरोधाभास और नए सवाल खड़े कर दिए हैं।

बचाव की दलील ने खड़े किए और बड़े सवाल

आपको बता दें कि संसदीय समिति के सामने NTA चीफ का यह कहना कि पेपर 'सिस्टम से लीक नहीं हुआ', छात्रों और अभिभावकों के गले नहीं उतर रहा है। लोगों के लिए यह बयान सच्चाई को स्पष्ट करने के बजाय कानूनी और तकनीकी शब्दों की बाजीगरी ज्यादा लग रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा का 'सिस्टम' सिर्फ एक दफ्तर में रखा कंप्यूटर सर्वर नहीं होता। इस सिस्टम में परीक्षा की पूरी कमान और कड़ियां शामिल होती हैं, जैसे- पेपर की छपाई (Printing) और पैकेजिंग, ट्रांसपोर्टेशन, बैंकों या सुरक्षित कस्टडी में पेपर को रखना, परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, पर्यवेक्षण (Invigilation) और निगरानी। अगर पेपर इस पूरी श्रृंखला (Chain of Command) में से कहीं भी बाहर निकला या गलत हाथों में पहुंचा, तो आम जनता और कानून की नजर में इसे 'सिस्टम की नाकामी' ही कहा जाएगा।

सरकार के एक्शन और NTA के बयान में भारी विरोधाभास

नीट परीक्षा को लेकर इस वक्त जो मैसेजिंग की जा रही है, वह बेहद भ्रमित करने वाली है। एक तरफ केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने परीक्षा की शुचिता में लगी इस सेंध को इतना गंभीर माना कि मामला देश की सबसे बड़ी जांच एजेंसी CBI को सौंप दिया गया। कई राज्यों से इस मामले में गिरफ्तारियां हो चुकी हैं और देश भर में छात्रों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लेकिन दूसरी तरफ, परीक्षा आयोजित कराने वाली मुख्य एजेंसी (NTA) अभी भी इस बात को साबित करने में जुटी है कि उसकी आंतरिक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर या सर्वर में कोई तकनीकी गड़बड़ी नहीं थी। यह दलील प्रशासनिक रूप से NTA को क्लीन चिट दिलाने में मदद कर सकती है, लेकिन इससे उन लाखों छात्रों का भरोसा बहाल नहीं होने वाला जो इस वक्त सड़कों पर हैं।

Updated on:
22 May 2026 04:36 pm
Published on:
22 May 2026 04:36 pm