
Parliament Monsoon Session deadlock: 20 जुलाई को हुए छात्र विरोध प्रदर्शनों पर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या राम मंदिर में दान चोरी के मुद्दों पर संसद के मानसून सत्र में लगातार हंगामा और व्यवधान जारी है। इस बीच मंगलवार को विपक्ष और 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने केंद्र सरकार पर दबाव बनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की सदन में अनुपस्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
CJP प्रवक्ता सौरभ दास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए दिल्ली पुलिस और RAF की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि 'भारत की संसद जनता की है। दिल्ली पुलिस और RAF (जो CRPF के अधीन आती है) द्वारा छात्रों को बेरहमी से पीटा गया। ऐसे में उनके प्रमुख गृह मंत्री अमित शाह को इन अपराधों की जवाबदेही लेनी चाहिए। वे पिछले दो हफ्तों से संसद में आकर जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं?' इतना ही नहीं दास ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करना अध्यक्ष का कर्तव्य है कि सरकार संसद के प्रति जवाबदेह बनी रहे।
उधर, संसद परिसर में कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी सरकार पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संसद में गतिरोध की मुख्य वजह सरकार की अड़ियल नीति है। सिंघवी ने कहा कि गतिरोध का पहला चरण नीट (NEET) और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर था, जबकि दूसरा चरण इसलिए है क्योंकि न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री ने इस सत्र में एक बार भी सदन में उपस्थिति दर्ज कराई है।
गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू हुआ था और यह 13 अगस्त तक प्रस्तावित है। विपक्ष का आरोप है कि गृह मंत्री अमित शाह बैठकों के लिए संसद परिसर में मौजूद रहते हैं, लेकिन दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) की कार्यवाही में भाग नहीं ले रहे हैं।