
Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मॉनसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच खींचतान बढ़ती जा रही है। देश में चल रहे छात्र आंदोलन और मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दों को लेकर विपक्ष सरकार के खिलाफ आक्रामक रुख अपनाए हुए है। गुरुवार को संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले ही विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर में एकजुट होकर विरोध प्रदर्शन किया। संसद परिसर में मकर द्वार तक निकाले गए इस मार्च में तेज बारिश के बाद भी सांसद हाथों में छाते और बड़े-बड़े बैनर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते नजर आए। हंगामे की वजह से लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।
गुरुवार सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने से ठीक पहले विपक्षी दलों ने संसद परिसर में एकजुट होकर अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। संसद परिसर से मकर द्वार तक निकाले गए इस विरोध मार्च में सांसदों के हाथों में एक बड़ा बैनर था। तेज बारिश के बीच भी सांसद पीछे नहीं हटे और वे हाथों में छाते थामे लगातार 'अमित शाह जवाब दो' के नारे लगाते रहें। विपक्षी सांसद इस पूरे मामले पर केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से सदन में आकर जवाब देने की मांग पर अड़े हुए हैं।
सुबह अपने तय समय पर लोकसभा की कार्यवाही शुरू हुई और अध्यक्ष ओम बिरला अपनी सीट पर पहुंचे। उन्होंने प्रश्नकाल शुरू करने के लिए सांसदों से शांत रहने और अपनी सीटों पर बैठने की अपील की। हालांकि, अपनी मांगों पर अड़े विपक्षी सांसद लगातार नारेबाजी करते रहे, जिससे सदन में गतिरोध बढ़ गया। स्पीकर ओम बिरला के बार-बार अनुरोध करने के बावजूद जब हंगामा शांत नहीं हुआ, तो उन्होंने लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
सदन में बने इस गतिरोध को खत्म करने और विधायी कामकाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच बातचीत भी हुई थी। हालांकि, यह वार्ता बेनतीजा रही क्योंकि राहुल गांधी ने साफ कर दिया कि जब तक गृहमंत्री अमित शाह खुद सदन में आकर जवाब नहीं देते, तब तक विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
मंगलवार और बुधवार की तरह गुरुवार को भी लोकसभा और राज्यसभा में दो ही मुद्दे छाए रहे। पहला मुद्दा देशभर में चल रहा छात्र आंदोलन है, जिस पर विपक्ष सरकार से लगातार जवाब मांग रहा है। वहीं दूसरा मुद्दा धार्मिक स्थलों के चढ़ावे में हुई चोरी और गड़बड़ी के आरोपों से जुड़ा है। इन दोनों ही मुद्दों पर जारी गतिरोध और हंगामे के कारण बुधवार को भी कार्यवाही शुरू होते ही रोकनी पड़ी थी।