नई दिल्ली

नोटों पर हो सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर, कलकत्ता हाई कोर्ट ने याचिका दाखिल, केंद्र सरकार से मांगा गया जवाब

कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें मांग की गई है कि नोटों पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छापी जाई। वहीं कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।

2 min read
Dec 13, 2021
plea in hc for seeking netaji subhash chandra bose picture on notes
plea in hc for seeking netaji subhash chandra bose picture on notes

नई दिल्ली। देश में नोटों पर महात्मा गांधी के बजाए अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तस्वीर लगाने का मुद्दा कई दफा उठ चुका है। अब एक बार फिर से नोटों पर महात्मा गांधी के बजाय नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगाने की मांग उठ रही है। दरअसल, कलकत्ता हाई कोर्ट में एक याचिका दाखिल की गई है, जिसमें मांग की गई है कि नोटों पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर छापी जाई। वहीं कोर्ट ने इस संबंध में केंद्र सरकार से जवाब मांगा है। इसके लिए हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार को 8 सप्ताह का समय दिया है, कोर्ट ने कहा कि सरकार 8 सप्ताह के भीतर ही इस संबंध में अपना जवाब दाखिल करे। बता दें कि यह याचिका 94 वर्षीय हरेंद्रनाथ ने दाखिल की है, वे खुद को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बताते हैं।

उन्होंने कोर्ट में याचिका दाखिल की है, उनके वकील ने कोर्ट में दलील दी है कि भारतीय करेंसी नोटों पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगाई जाए। याचिकाकर्ता हरेंद्रनाथ बिस्वास का कहना है कि नोटों पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की तस्वीर लगानी चाहिए। उनका मानना है कि नेताजी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहूति दे दी, लेकिन उन्हें देश में उतना सम्मान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। वहीं मौजूदा केंद्र सरकार भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस को सम्मान नहीं दे रही है। उनकी मांग है कि नोटों पर नेताजी की तस्वीर लगाई जाए।

सरकार ने कोर्ट से मांगा 8 सप्ताह का समय
वहीं इस मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से कोर्ट में अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल वाई जे दस्तूर पेश हुए। उन्होंने इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने के लिए कोर्ट से 8 सप्ताह का समय मांगा है। वहीं मुख्य न्यायाधीश प्रकाश श्रीवास्तव और न्यायमूर्ति राजर्षि भारद्वाज की खंडपीठ ने उनकी इस मांग को स्वीकार कर लिया है। इसके साथ ही कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिए कि मामले को अगले साल 21 फरवरी को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए।

फिलहाल इस मुद्दे पर गांधी परिवार या गांधी समर्थकों की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। जानकारों का मानना है कि नोट पर से महात्मा गांधी की तस्वीर हटाना आसान नहीं होगा। बता दें कि भारत की आजादी में महात्मा गांधी के योगदान को देखते हुए अक्टूबर 1987 में नोटों पर पहली बार गांधी की तस्वीर छापी गई थी। हालांकि उस समय कुछ नोटों पर गांधी की तस्वीर लगाई गई थी, लेकिन धीरे-धीरे नोटों पर गांधी की तस्वीर हमेशा के लिए हो गई।

Published on:
13 Dec 2021 10:54 pm