
ताहिर हुसैन, तारा नरूला और अंकित शर्मा (फोटो - आईएएनएस/एडिटेड बाई चैटजीपीटी)
Ankit Sharma Murder Case: आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में उम्रकैद की सजा मिलने के बाद ताहिर हुसैन की वकील तारा नरूला का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि अदालत ने माना कि हत्या बेहद क्रूर थी। लेकिन किसी भी दोषी की इसमें सीधी भूमिका साबित नहीं हुई। वकील ने कहा कि यह भी साबित नहीं हुआ कि किसी दोषी ने अंकित शर्मा को घसीटा या उन पर हथियार से हमला किया। उन्होंने बताया कि सभी दोषियों का पहले कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। अब सभी दोषी इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देंगे।
साल 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों के दौरान आईबी अधिकारी अंकित शर्मा की हत्या कर दी गई थी। यह मामला दिल्ली दंगों के सबसे चर्चित मामलों में शामिल रहा। करीब छह साल तक चली सुनवाई के बाद कड़कड़डूमा कोर्ट ने ताहिर हुसैन समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
25 फरवरी 2020 को अंकित शर्मा अपने घर से कुछ सामान लेने निकले थे। इसके बाद वह लापता हो गए। अगले दिन उनका शव खजूरी खास के नाले से मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनके शरीर पर कई धारदार हथियारों के घाव मिलने की बात सामने आई।
दिल्ली पुलिस की जांच में ताहिर हुसैन का नाम सामने आया। पुलिस ने दावा किया कि हिंसा के दौरान उनका मकान दंगाइयों का ठिकाना बना हुआ था। जांच के दौरान मकान की छत से पत्थर, पेट्रोल बम बनाने का सामान, एसिड के पैकेट और अन्य सामग्री मिलने का भी दावा किया गया। पुलिस ने चार्जशीट में ताहिर हुसैन को इस कथित साजिश का प्रमुख आरोपी बताया।
मामले में कई गवाहों के बयान, फॉरेंसिक रिपोर्ट, मोबाइल लोकेशन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य अदालत में पेश किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने ताहिर हुसैन समेत पांच दोषियों को हत्या, अपहरण और दंगा समेत कई धाराओं में दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, ताहिर हुसैन की लीगल टीम ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।
Updated on:
31 Jul 2026 06:47 pm
Published on:
31 Jul 2026 06:06 pm
