उत्तर-पश्चिम दिल्ली से सांसद और भाजपा के दलित चेहरा के रूप में जाने माने नेता उदित राज ने केंद्र सरकार के दलित मंत्रियों पर हमला करते हुए कहा कि वे लोग बीते चार वर्षों में दलित समुदाय से संपर्क साधने में नाकामयाब रहे हैं।
नई दिल्ली। 2019 में होने वाला आम चुनाव में अभी कुछ वक्त बाकी है लेकिन उससे पहले मोदी सरकार के लिए अपने सांसदों को नियंत्रण में रखना एक बड़ी चुनौति बनती जा रही है। दरअसल मुखर होकर हमेशा अपनी बात रखने वाले दिल्ली से भाजपा सांसद ने अपने ही सरकार के मंत्रियों के खिलाफ जमकर हमला बोला है। उत्तर-पश्चिम दिल्ली से सांसद और भाजपा के दलित चेहरा के रूप में जाने माने नेता उदित राज ने केंद्र सरकार के दलित मंत्रियों पर हमला करते हुए कहा कि वे लोग बीते चार वर्षों में दलित समुदाय से संपर्क साधने में नाकामयाब रहे हैं। उदित राज ने केंद्र के दलित मंत्रियों को एक परजीवी कहा है।
दलित समुदाय भाजपा से दूर जा रहा है
आपको बता दें कि उदित राज दलितों को दूसरे दलों के साथ जुड़ने का मौका देने के लिए पार्टी नेतृत्व से भी नाराज हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उदित राज ने कहा है कि मोदी सरकार के दलित मंत्री एक परजीवी हैं। मालूम हो कि मोदी सरकार में दो दलित मंत्री हैं। मुख्य दलित मंत्रियों में खाद्य आपूर्ति मंत्री रामविलास पासवान और सामाजिक न्याय मंत्री रामदास अठावले हैं। उदित राज ने आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी सरकार के दलित मंत्री अपने समुदाय के प्रति अपना फर्ज भूल गये हैं इस वजह से दलित समुदाय भाजपा से दूर जा रहा है। बता दें कि उदित राज ने आगे कहा कि पीएम मोदी कहते हैं कि सांसद जनता से संपर्क बढ़ाएं, लेकिन केन्द्र के मंत्रियों और दलित समुदाय के बीच खाई बढ़ती जा रही है। राज ने कहा कि कि अब वक्त आ गया है कि भाजपा को ध्यान केंद्रित करना चाहिए अन्यथा आगामी आम चुनाव में इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। उदित राज ने जोर देते हुए कहा कि मोदी सरकार के मंत्रियों को जनता के सामने यह बताना चाहिए कि कई योजनाएं हैं जो सरकार ने लॉन्च की है।
मंत्रियों को अपना परजीवी चरित्र छोड़ कर सरकार के लिए काम करना चाहिए
आपको बता दें कि उदित राज ने सवाल भरे लहजे में आगे कहा कि दलित नेताओं को आखिर मंत्री क्यों बनाया जाता है। इसलिए कि वे अपने समुदाय के लोगों के उत्थान में भागीदार बन सके, सरकार की योजनाओं को उनतक पहुंचा सके, जिससे की पार्टी और सरकार को लाभ हो, लेकिन वे लोग अपना काम भूल गए हैं। उन्होंने कहा कि इन मंत्रियों से पूछना चाहिए कि वे अपने पद को क्यों संभाल रहे हैं? राज ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि कोई भी दलित मंत्री अपने समुदाय से जुडाव महसूस करता है। उन्होंने कहा कि वे लोग इस लिए नेता हैं क्योंकि पार्टी का पार्टी, आरएसएस और लोकल नेताओं का प्रभाव है, लेकिन ये नेता अब धीरे-धीरे परजीवी बनते जा रहे हैं। उदित राज ने आगाह किया कि इन लोगों को यह चरित्र छोड़कर वास्तविक रूप मे लौटना चाहिए और पार्टी के लिए काम करना चाहिए।