
Seva Yatra: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को 'सेवा यात्रा' में शामिल लोगों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बातचीत की। इस दौरान उन्होंने लोगों के अनुभव सुने और समाज के लिए किए जा रहे उनके काम की तारीफ की। बातचीत में पीएम मोदी ने भारतीय परंपरा से जुड़ी एक पुरानी मान्यता का जिक्र किया और उसे सेवा यात्रियों से जोड़ते हुए अपनी बात कही।
पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय परंपरा में यात्रा से लौटने वाले व्यक्ति को प्रणाम करने की एक पुरानी मान्यता है। कहा जाता है कि जब कोई व्यक्ति यात्रा से लौटता है और लोग उसे प्रणाम करते हैं तो यात्रा से मिले पुण्य का आधा हिस्सा प्रणाम करने वाले को भी मिल जाता है।
इसी बात का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज वह भी सभी सेवा यात्रियों को नमन कर रहे हैं। ऐसे में वह भी उनके पुण्य का आधा हिस्सा 'चुरा' रहे हैं। पीएम मोदी की यह बात सुनकर सेवा यात्रा में शामिल लोगों में उत्साह नजर आया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब लोग अपना समय और मेहनत दूसरों की मदद में लगाते हैं तो इससे समाज में मदद की भावना बढ़ती है। ऐसे काम दूसरे लोगों को भी आगे आकर समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा देते हैं।
उन्होंने कहा कि सेवा का काम केवल किसी एक व्यक्ति की मदद तक सीमित नहीं है। इससे समाज में एक-दूसरे का साथ देने की भावना भी मजबूत होती है।
'सेवा यात्रा' जैसे कार्यक्रमों में अलग-अलग जगहों से लोग जुड़ते हैं। वे सेवा से जुड़े कामों में हिस्सा लेते हैं और जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं। ऐसे कार्यक्रमों का मकसद लोगों को समाज के लिए काम करने और दूसरों की मदद के लिए आगे आने के लिए प्रेरित करना है। पीएम मोदी ने बातचीत के दौरान सेवा यात्रा में शामिल लोगों के अनुभव भी सुने। उन्होंने उनके काम की तारीफ की दीं।
प्रधानमंत्री ने अपनी बात में पुरानी मान्यता का जिक्र करते हुए सेवा यात्रियों के काम को सम्मान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें नमन करके वह भी पुण्य का आधा हिस्सा 'चुरा' रहे हैं। पीएम मोदी का यह अंदाज बातचीत के दौरान खास रहा।
उन्होंने कहा कि समाज के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आएं और जरूरतमंदों की मदद करें, तो इससे आपसी सहयोग की भावना और मजबूत होगी। सेवा यात्रा में शामिल लोगों के प्रयासों की तारीफ करते हुए प्रधानमंत्री ने सभी को शुभकामनाएं दीं।