
Operation Lotus: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के 'ऑपरेशन लोटस' संबंधी बयान को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) की सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ऐसी राजनीतिक गतिविधियां अब कोई नई बात नहीं रह गई हैं।
प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि उन्हें उमर अब्दुल्ला के बयान पर बिल्कुल भी आश्चर्य नहीं हुआ। उनका दावा है कि भाजपा लंबे समय से विपक्षी दलों की सरकारों को अस्थिर करने और अपने पक्ष में राजनीतिक समीकरण बनाने की कोशिश करती रही है। उनके मुताबिक, पार्टी का पूरा ध्यान जनादेश का सम्मान करने के बजाय सत्ता का गणित साधने पर रहता है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीति इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जहां पिछले सालों में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम सामने आए। इसके अलावा पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि वहां भी तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को तोड़ने के प्रयास किए गए। उनका कहना था कि ऐसे कई राज्य हैं, जहां भाजपा विपक्ष की सरकारों पर लगातार दबाव बनाने की रणनीति अपनाती रही है।
शिवसेना (यूबीटी) नेता ने आरोप लगाया कि चुनी हुई सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जनता अपने मत से प्रतिनिधियों का चुनाव करती है और यदि बाद में राजनीतिक जोड़-तोड़ के जरिए उस जनादेश को बदलने का प्रयास किया जाता है, तो यह मतदाताओं के विश्वास और संविधान दोनों के साथ अन्याय है।
प्रियंका चतुर्वेदी ने यह भी आरोप लगाया कि सत्ता हासिल करने की चाह में सरकारी संस्थाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उनके मुताबिक, एजेंसियों और अन्य संवैधानिक संस्थाओं का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती तभी संभव है, जब जनता के फैसले का सम्मान किया जाए।
हालांकि भाजपा पहले भी इस तरह के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करती रही है। पार्टी का कहना है कि विपक्ष अपनी राजनीतिक विफलताओं को छिपाने के लिए इस तरह के आरोप लगाता है। इसके बावजूद उमर अब्दुल्ला के बयान और प्रियंका चतुर्वेदी की प्रतिक्रिया के बाद 'ऑपरेशन लोटस' का मुद्दा एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में इस पर सियासी बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।